गोरखपुर

गोरखपुर पहुंचे सीएम योगी, अष्टमी से दशहरे तक गोरखनाथ मंदिर में रहेंगे

Vijyadashmi Pooja: रविवार से मंगलवार तक तीन दिन गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष अनुष्ठान, पूजन और पारंपरिक आयोजनों में लीन रहेंगे। अष्टमी की संध्या पर महानिशा पूजा और हवन कर लोकमंगल की कामना करेंगे
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Oct 18, 2026
Up news, cm Yogi
मुख्यमंत्री योगी( सोर्स: अनूप शुक्ला)

Cm Yogi In Navratri: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार से दशहरे तक गोरखनाथ मंदिर में नवरात्र के विशेष अनुष्ठानों और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। अष्टमी के अवसर पर रविवार शाम वह निशा पूजा और हवन करेंगे। सोमवार सुबह कन्या पूजन और बटुक पूजन का आयोजन होगा, जबकि मंगलवार को विजयादशमी पर वह पारंपरिक शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे।

नवरात्र के दौरान गोरखनाथ मंदिर स्थित शक्तिपीठ में कलश स्थापना के साथ पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हुआ था। मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ नियमित पूजा करा रहे हैं। रविवार से विजयादशमी तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष पूजन और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे।

नौ कन्याओं के पूजन के बाद ग्रहण करेंगे आशीर्वाद

सोमवार सुबह 11 बजे गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन होगा। मुख्यमंत्री नौ कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के रूप में पूजेंगे। उनके पैर धोकर रोली, चंदन, दही और अक्षत से तिलक करेंगे। इसके बाद कन्याओं को भोजन कराकर दक्षिणा और उपहार देंगे। कार्यक्रम में बटुक पूजन भी किया जाएगा।

मानसरोवर मंदिर में पूजन, रामलीला मैदान में राजतिलक

विजयादशमी के दिन मंगलवार को मुख्यमंत्री गुरु गोरक्षनाथ की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद शाम को गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली विजयादशमी शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। तुरही, नगाड़े और बैंड-बाजे के साथ निकलने वाली यात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी, जहां मुख्यमंत्री भगवान शिव की पूजा करेंगे।

इसके बाद शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। यहां मुख्यमंत्री भगवान राम का राजतिलक करेंगे। साथ ही भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की पूजा-अर्चना कर आरती उतारेंगे। दशहरे के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक तिलकोत्सव भी आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे।

शोभायात्रा में दिखती है सामाजिक सौहार्द की मिसाल

गोरखनाथ मंदिर की विजयादशमी शोभायात्रा धार्मिक परंपरा के साथ सामाजिक समरसता का भी प्रतीक है। इसमें विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होते हैं। मुस्लिम और बुनकर समाज के लोग भी शोभायात्रा का स्वागत करते हैं। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के पूर्व चेयरमैन चौधरी कैफुलवरा के मुताबिक, उनका परिवार तीन पीढ़ियों से इस शोभायात्रा का स्वागत करता आ रहा है। दशहरे पर गोरखनाथ मंदिर में भोज का आयोजन भी होगा, जिसमें विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे। गोरक्षपीठ की विजयादशमी परंपरा में शक्ति आराधना, रामभक्ति और सामाजिक समरसता के विविध रंग एक साथ दिखाई देंगे।

Updated on:
18 Oct 2026 02:01 pm
Published on:
18 Oct 2026 01:57 pm