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सेवा संकल्प से मिशन-2027 तक, यूपी में बीजेपी की रणनीति कैसे आगे बढ़ेगी?

UP Assembly Election 2027: बीजेपी का लक्ष्य तीसरी बार सत्ता में वापसी है। संगठन की मजबूती, लाभार्थी संपर्क और विकास के नैरेटिव के बल पर पार्टी 2027 में निर्णायक बढ़त बनाने की कोशिश में जुटी हुई है।
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UP BJP Strategy Mission

बीजेपी यूपी की रणनीति (फोटो एआई)

UP BJP Strategy Mission 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुकी है। पार्टी ‘सेवा संकल्प’ अभियान से शुरू हुई जनसंपर्क की लहर को अब मिशन-2027 में तब्दील करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। बूथ स्तर से लेकर क्षेत्रीय संतुलन, सोशल इंजीनियरिंग और डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को केंद्र में रखकर रणनीति बनाई जा रही है।

बूथ सशक्तिकरण सबसे बड़ी प्राथमिकता

बीजेपी की रणनीति का आधार वाक्य है-‘बूथ जीता, चुनाव जीता’। पार्टी ने राज्य के लगभग 1.77 लाख बूथों पर समितियों का गठन और सत्यापन पूरा करने पर जोर दिया है। हाल ही में वाराणसी में काशी और गोरक्ष क्षेत्र की 133 विधानसभा सीटों के प्रभारियों और विस्तारकों की दो दिवसीय बैठक हुई, जिसमें बूथ-टू-असेंबली समन्वय पर जोर दिया गया। लगभग 100-120 कमजोर सीटों पर खास फोकस है, जहां 2024 लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा था। हर 15 बूथ पर एक विस्तारक तैनात करने की योजना है।

सेवा संकल्प से जनसंपर्क का विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से शुरू हुए ‘सेवा संकल्प’ अभियान को मिशन-2027 का आधार बनाया गया। इस अभियान के जरिए करीब 4.19 करोड़ परिवारों और 15.74 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच बनाने का लक्ष्य रखा गया। घर-घर संपर्क, लाभार्थी संवाद, महिला-युवा आउटरीच और डिजिटल कनेक्ट (व्हाट्सऐप, रील्स) के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाया जा रहा है।

सोशल इंजीनियरिंग और क्षेत्रीय संतुलन

पार्टी ओबीसी, दलित, अति-पिछड़ा, ब्राह्मण, जाट और महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक समीकरण साधने पर काम कर रही है। राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में भी यही बैलेंस दिखने को मिला। ‘तब बनाम अब’ नैरेटिव के जरिए कानून-व्यवस्था, माफिया मुक्त प्रदेश, महिला सुरक्षा और विकास कार्यों की तुलना सपा शासन से की जाएगी। सपा के पीडीए फॉर्मूले का जवाब ‘सबका साथ, सबका विकास’ और पिछड़ा वर्ग मोर्चे के अभियानों से देने की तैयारी है।

विकास और सुशासन का एजेंडा

एक्सप्रेसवे, मेट्रो, ओडीओपी, बिजली सप्लाई, आवास योजनाएं और रोजगार संबंधी उपलब्धियों को चुनावी अभियान का केंद्र बनाया जाएगा। नवंबर से प्रधानमंत्री के यूपी दौरे और विकास परियोजनाओं के उद्घाटन-शिलान्यास की योजना है। पश्चिमी यूपी में आरएलडी के साथ गठबंधन को मजबूत करने और किसानों तक पहुंच बढ़ाने पर भी फोकस है।

बीजेपी का लक्ष्य तीसरी बार सत्ता में वापसी है। संगठन की मजबूती, लाभार्थी संपर्क और विकास के नैरेटिव के बल पर पार्टी 2027 में निर्णायक बढ़त बनाने की कोशिश में जुटी हुई है।