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लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं: गोरखपुर यूनिवर्सिटी में एबीवीपी कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन

Gorakhpur News: शुक्रवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय में ABVP ने लोकतंत्र अपनाओ–अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ निकाली प्रदर्शन यात्रा, निर्वाचन आयोग और न्यायालय पर निराधार आरोपों का किया विरोध।
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ABVP कार्यक्रम ( सोर्स: अनूप शुक्ला)

ABVP Protest In Gorakhpur University: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के गोरक्ष प्रांत के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में ‘लोकतंत्र अपनाओ–अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के जरिए संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता, निष्पक्षता और गरिमा बनाए रखने की मांग की गई।

लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाने का विरोध

कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग और न्यायालय की कार्यप्रणाली पर निराधार सवाल उठाने तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाने के प्रयासों का विरोध किया।प्रदर्शन यात्रा विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन से शुरू हुई। सैकड़ों छात्र-छात्राओं की सहभागिता वाली यह यात्रा कला संकाय और विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से होते हुए छात्रसंघ चौराहे पर पहुंचकर संपन्न हुई।

हिंसा और अराजकता उचित नहीं

अभाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, जो निर्धारित संवैधानिक प्रावधानों के तहत निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए जिम्मेदार है। चुनावी सुधारों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) जैसी प्रक्रियाओं को लेकर किसी भी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने के लिए संवैधानिक और कानूनी व्यवस्था उपलब्ध है। ऐसे मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। संगठन ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन हिंसा और अराजकता के जरिए संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाना उचित नहीं है।

देश का युवा संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध

अभाविप गोरक्ष प्रांत मंत्री शशिकांत मंगलम गुप्ता ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और चुनावी सुधारों पर निराधार सवाल उठाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। राजनीतिक असहमति की आड़ में अराजकता और अव्यवस्था फैलाने के प्रयास निंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि देश का युवा लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

इनकी रही उपस्थिति

प्रांत सह मंत्री शुभम गोविंद राव ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना नागरिकों का अधिकार है, लेकिन इसके साथ अनुशासन और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन भी जरूरी है। चुनावी सुधारों और एसआईआर जैसी प्रक्रियाओं पर तथ्यपरक चर्चा होनी चाहिए, न कि उन्हें भ्रम और अविश्वास फैलाने का माध्यम बनाया जाना चाहिए। प्रदर्शन में अभाविप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संपदा द्विवेदी, प्रांत सह मंत्री निखिल गुप्ता, बृजभूषण उपाध्याय, अजय कुशवाहा और प्रांत संगठन मंत्री पुनीत अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल रहे।