गोरखपुर

फर्जी शादी, फर्जी पुलिस…गोरखपुर में बड़े अंतर्राज्यीय गैंग का भंडाफोड़, हिस्ट्रीशीटर समेत 7 गिरफ्तार…दुल्हन फरार

गोरखपुर पुलिस ने कारवाई करते हुए एक फर्जी गैंग का पर्दाफाश किया है, जो दूसरे राज्यों से भोले भाले युवकों को झांसा देकर गोरखपुर शादी कराने लाते थे इसके बाद उन्हें बंधक बनाकर वसूली शुरू करते थे।

2 min read
Apr 11, 2026
फोटो सोर्स: पत्रिका, झांसा देकर शादी कराने वाले गैंग का भंडाफोड़

गोरखपुर में शादी का झांसा देकर पैसे वसूलने वाले बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है, चिलुआताल थाने की पुलिस ने शनिवार को सात आरोपियों की गिरफ्तार किया है। वहीं दुल्हन और उसकी मुंह बोली बहन फरार हैं। जिनकी तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। गिरोह के सदस्यों ने राजस्थान के युवक को झांसी में लेकर शादी के लिए गोरखपुर बुलाया था। यहां उसकी फर्जी शादी भी एक लड़की से कराई गई। इसके बाद पुलिस बनकर उसके परिवार से आरोपियों ने 3.11 लाख रुपये वसूले थे। इस मामले में चिलुआताल थाने में 13 मार्च को मुकदमा दर्ज किया गया था।

ये भी पढ़ें

बहराइच में तेंदुए का हमला: महिला का हाथ चबाया, किशोर को किया घायल…24 घंटे में 6 पर हमला दहशत में ग्रामीण

इनकी हुई गिरफ्तारी, बरामद हुए 1.65 लाख

आरोपियों की पहचान चिलुआताल क्षेत्र के उसका गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह, कुड़वा के धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन, सोनबरसा के रवि चौधरी, मोहरीपुर के मुन्ना जायसवाल, कुड़वा के नवमी शर्मा, गोरखनाथ क्षेत्र के बिलंतपुर खंता की शैला देवी और हरियाणा के फरीदाबाद निवासी राजू शर्मा के रूप में हुई। इनके पास से पुलिस ने करीब 1 लाख 65 हजार रुपये भी बरामद किया है। इसके अलावा कूटरचित पुलिस परिचय पत्र व 2 आधार कार्ड भी मिले हैं।

हिस्ट्रीशीटर बनता था फर्जी दरोगा, दूल्हे को बंधक बना कर करता था वसूली

SP नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि शादी का झांसा देकर दूसरे राज्यों के लोगों को गोरखपुर बुलाया जाता था। इसके बाद फर्जी पुलिस बन दूल्हे और उनके परिजनों को बंधक बनाकर वसूली की जाती है। इसमें चिलुआताल का हिस्ट्रीशीटर अंकुर खुद इंस्पेक्टर बनता था, जबकि उसके साथ धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन, रवि चौधरी, मुन्ना जायसवाल, नवमी शर्मा सिपाही और दिवान बनते थे।

कोटा के युवक को शादी कराने गोरखपुर ले आया दलाल

पुलिस अधिकारी के मुताबिक राजस्थान के कोटा के मुकेश मीणा अपने भाई ब्रहमोहन मीणा की शादी खोज रहे थे। इसी बीच उनकी मुलाकात राजू शर्मा से हुई जिसने गोरखपुर की एक लड़की की फोटो दिखाकर शादी तय कराई थी। इसके बाद उन लोगों को राजू शर्मा 12 मार्च 2026 को गोरखपुर लेकर आया था। चिलुआताल थानाक्षेत्रों के हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह के घर शैला देवी शादी के लिए एक लड़की को लेकर आई थीं। शैला देवी खुद को दुल्हन की मौसी बताई थीं। यहीं पर उस लड़की से ब्रजमोहन की शादी कराई गई।

दारोगा बन पहुंचा हिस्ट्रीशीटर, दूल्हे को बंधक बना वसूले टीम लाख

शादी होते ही अंकुर वहां पुलिस इंस्पेक्टर बनकर पहुंचा। उसके साथ उसके साथी सिपाही बनकर पहुंचे थे। उन्होंने ब्रजमोहन मीणा को पकड़ लिया। इसके बाद पूरे परिवार को धमकाते हुए बंधक बना लिया। अंकुर बोला कि फर्जी शादी करते हो, तुम्हें जेल भिजवाएंगे। डरा धमका कर उनसे पैसे की डिमांड की।

इसी बीच ब्रजमोहन ने कोटा फोन मिलाकर अपनी पत्नी को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पैसे भेजो, हम लोगों को बंधक बनाया गया है। आरोपियों को पकड़ने वाली पुलिस टीम में चिलुआताल थाना प्रभारी सूरज सिंह, शैलेंद्र कुमार, चंदन नारायन, विनय कुमार सिंह, राक जायसवाल, विकास यादव, अमरजीत यादव, गुलफाम यादव, सत्येंद्र चौहान, सोनू कुमार, शिव शंकर, रेखा मौर्या, छाया पांडेय शामिल रहे।

ये भी पढ़ें

Lucknow Crime: कैसरबाग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: टप्पेबाज गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, CCTV फुटेज से खुला राज
Published on:
11 Apr 2026 05:24 pm
Also Read
View All