गोरखपुर

दस साल से फरार चल रहा फर्जी शिक्षक गिरफ्तार, जाली अंकपत्र पर आवेदन किया…नौकरी भी हासिल किया, फिर…

गोरखपुर में पुलिस की कारवाई में फर्जीवाड़ा कर फरार दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इनमें से एक फर्जी अंकपत्र कर शिक्षक की नौकरी हासिल कर लिया था, जांच में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ।

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May 03, 2026
फ़ोटो सोर्स: पत्रिका

गोरखपुर जिले के राजघाट थाना की पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रविवार को 10 साल से फरार शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।आरोपी की पहचान मैनपुरी जिले के बेवर थाना क्षेत्र के जीडी रोड के पास रहने वाले अनुज प्रताप सिंह के रूप में हुई, गिरफ्तारी करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2016 में गोरखपुर मंडल के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में एलटी ग्रेड शिक्षक की भर्ती निकली थी।

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फर्जी प्रमाणपत्र पर परीक्षा में शामिल हुआ,नौकरी भी हासिल किया

इस भर्ती में शामिल होने के लिए अनुज ने फर्जी और कुटरचित अंक पत्र व प्रमाणपत्र बनवाया था। जिसे लगाकर इसने इस परीक्षा में आवेदन किया था। आरोपी माध्यमिक विद्यालय एलटी ग्रेड भर्ती में नौकरी भी हासिल कर लिया था। लेकिन प्रमाणपत्रों की जब जांच हुई तो सभी फर्जी निकले।

मुकदमा दर्ज होने के बाद से चल रहा था फरार

इसके बाद प्रशासन की तरफ से राजघाट थाने में तहरीर देकर अनुज प्रताप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। यह घटना 2016 की है, तभी से ये आरोपी फरार चल रहा था और पुलिस लगातार इसे ट्रेस कर रही थी। रविवार को राजघाट पुलिस को लोकेशन मिलते ही आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों के भी नाम बताए हैं, पुलिस उनकी संलिप्तता का पता लगा रही है,

फर्जी बैनामा कर जमीन बेचने वाला 25 हजार का इनामी आरोपी दबोचा

गोरखपुर के कैम्पियरगंज थाना क्षेत्र में जमीन की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने के आरोप में 25 हजार रुपये के इनामी वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अनूप कुमार श्रीवास्तव निवासी जटेपुर उत्तरी, थाना गोरखनाथ के रूप में हुई है। वह काफी समय से फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

पहले से बैनामा हो चुकी जमीन का फर्जी दस्तावेज तैयार किया

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पहले से बैनामा हो चुकी जमीन के कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और उसे एक महिला को बेच दिया। जब पीड़िता को धोखाधड़ी का पता चला तो उसने कैम्पियरगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर वर्ष 2024 में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी क्रम में मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

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Published on:
03 May 2026 07:59 pm
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