बड़हलगंज के महुआपार में रहने वाले पंकज शाही ने बुद्ध विहार पार्ट सी में रहने वाले शशांक त्रिपाठी को साढ़े तीन लाख रुपये लौटाने के बहाने चिड़ियाघर के पास बुलाया था। वहां पहले से मौजूद युवराज, राहुल और एक अन्य साथी ने शशांक और उसके मित्र प्रियांशु सिंह पर हमला कर दिया।
गोरखपुर के रामगढ़ताल इलाके में बीते 10 मार्च को पैसे की लेनदेन में युवक पर फायरिंग करने वाले 4 आरोपियों को गुरुवार की देर रात गिरफ्तार कर पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बड़हलगंज के महुआपार निवासी पंकज शाही, गगहा कोठा का सर्वेश उर्फ राहुल सिंह, गगहा बांसुडीला का लालू यादव और ठठौली गांव के युवराज सिंह उर्फ राज के रूप में हुई। आरोपियों के पास से 01 पिस्टल, 01 तमंचा, जिंदा कारतूस और एक एक्सयूवी कार पुलिस ने बरामद किया है। इसमे पंकज शाही पर 6, सर्वेश उर्फ राहुल सिंह 7, लालू यादव 4 और युवराज सिंह पर 6 मुकदमा दर्ज है। सभी पुलिस इनका गैंगचार्ट भी तैयार कर रही है।
पुलिस के मुताबिक फायरिंग के केस में जेल में पहले से ही बंद बीजेपी नेता आदित्य सिंह के बेटे आर्थक सिंह ने ही गिरफ्तार युवराज सिंह को पिस्टल और तमंचा बेचा था। इसी असलहे से रामगढ़ताल क्षेत्र में प्रियांशु सिंह को दो गोलियां मारी गई थीं।
पुलिस अब आर्थक को भी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस रिकार्ड के अनुसार युवराज सिंह गगहा थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, पॉक्सो एक्ट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उस पर पहले एनएसए की भी कार्रवाई हो चुकी है।
बता दें कि आर्थक सिंह अभी हाल ही में कोतवाली थाना क्षेत्र के आर्यनगर स्थित छात्रनेता उज्ज्वल यादव के घर पर चढ़कर पिस्टल से फायरिंग की थी और उसकी मां से घर में घुसकर मारपीट किया था। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने आर्थक सिंह का उसके साथियों के साथ पकड़कर जेल भिजवा दिया था।
SP सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि पुलिस रिकार्ड के अनुसार युवराज सिंह गगहा थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके विरुद्ध हत्या, हत्या के प्रयास, पॉक्सो एक्ट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। उस पर पहले एनएसए की भी कार्रवाई हो चुकी है।