गोरखपुर

एक साथ उठी दादी और पोती की अर्थी; परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, हर आंख नम…..आखिर हुआ क्या?

Funeral Procession Of Grandmother Granddaughter: दादी और पोती की एक साथ अर्थी उठी। जिसके कारण परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जानिए ये पूरा मामला क्या है?

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Apr 18, 2026
एक साथ उठी दादी और पोती की अर्थी। फोटो सोर्स-Ai

Funeral Procession Of Grandmother Granddaughter: गोरखपुर के पादरी बाजार क्षेत्र से एक बेहद भावुक और दर्दनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। 11 वर्षीय अरुणी गुप्ता की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। परिवार बच्ची का शव लेकर गोरखपुर लौट रहा था, लेकिन रास्ते में ऐसा हादसा हुआ जिसने इस दुख को और गहरा कर दिया। बस्ती जिले में सड़क दुर्घटना में अरुणी की दादी सुभावती देवी (65) की भी जान चली गई।

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सुबह तड़के हुआ हादसा, चालक को आई झपकी

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे बस्ती जिले के हरैया क्षेत्र के पास यह हादसा हुआ। अरुणी के शव को एंबुलेंस से गोरखपुर लाया जा रहा था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य दूसरी कार से पीछे-पीछे आ रहे थे। इसी दौरान कार चला रहे चालक को नींद की झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया। कार पहले डिवाइडर से टकराई और फिर सड़क किनारे खाई में पलट गई।

दादी की मौके पर मौत, कई परिजन घायल

इस भीषण दुर्घटना में अरुणी की दादी सुभावती देवी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, अरुणी के पिता कपिल देव, मामा हरिश्चंद्र गुप्ता और मामी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।

एक ही दिन उठी दादी-पोती की अर्थी

शुक्रवार को जब दादी और पोती की एक साथ अर्थी उठी, तो गांव और आसपास के लोगों की आंखें नम हो गईं। एक ही परिवार में इतने कम समय में दो मौतों ने सभी को झकझोर कर रख दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ा दी।

किडनी की बीमारी से जूझ रही थी अरुणी

धर्मपुर निवासी गौरीश मद्धेशिया उर्फ बब्बन की बेटी अरुणी गुप्ता लिटिल फ्लावर स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा थी। वह पिछले एक साल से किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। उसका इलाज लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई में चल रहा था, जहां वह पिछले एक महीने से भर्ती थी। गुरुवार रात करीब 10 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

रात में शव लेकर निकले थे परिजन

बच्ची की मौत के बाद परिजन रात करीब 2 बजे एंबुलेंस से उसका शव लेकर गोरखपुर के लिए रवाना हुए थे। उनके पीछे-पीछे रिश्तेदार दूसरी कार से आ रहे थे, लेकिन रास्ते में ही हादसा हो गया और परिवार को एक और बड़ा झटका लग गया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस घटना ने परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है। पहले मासूम बेटी की मौत और फिर उसी के अंतिम सफर के दौरान दादी की जान चली जाना, पूरे परिवार के लिए असहनीय पीड़ा लेकर आया है। आसपास के लोग भी इस दुखद घटना से स्तब्ध हैं।

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