डीएम दीपक मीणा ने कहा कि फॉर्म-6 को 6 फरवरी के बाद भी ऑनलाइन भरा जा सकता है, जैसा कि पहले से होता आ रहा है। इसलिए अंतिम तिथि को लेकर किसी प्रकार की अफवाह या भ्रम में न पड़ें।
गोरखपुर में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर जनपद में फैल रही चर्चाओं और आशंकाओं के बीच जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक मीणा ने प्रेस वार्ता कर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी।
डीएम ने साफ कहा कि एसआईआर मैपिंग न हो पाने के कारण 2 लाख 83 हजार मतदाताओं को नोटिस भेजा गया है, लेकिन इसका अर्थ किसी भी मतदाता का नाम काटा जाना नहीं है।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रशासन की मंशा केवल सत्यापन की है, किसी भी पात्र मतदाता का नाम हटाने का सवाल ही नहीं है। हर योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची में सुरक्षित रहेगा।
नोटिस से घबराने की जरूरत नहीं पीठासीन अधिकारी को दें जवाब, खुद आना जरूरी नहीं
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, वे अपने संबंधित तहसील में तैनात पीठासीन अधिकारी को नोटिस का जवाब दे सकते हैं। इसके लिए मतदाता का स्वयं उपस्थित होना अनिवार्य नहीं है। आवश्यक प्रपत्रों के साथ किसी भी व्यक्ति के माध्यम से जवाब भिजवाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर में जिन मतदाताओं के नाम किसी कारणवश छूट गए हैं, वे अनिवार्य रूप से फॉर्म-6 भरें। वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जिनका मैपिंग नहीं हो पा रहा है, उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों में से किसी एक वैध प्रपत्र के आधार पर फॉर्म भरने की सुविधा दी गई है। ऐसे किसी भी मतदाता को परेशान नहीं किया जाएगा।
डीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि ड्रॉप लिस्ट में शामिल मतदाताओं का पता पहले जैसा ही रहेगा। उसमें किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं किया गया है। पूरी प्रक्रिया केवल सत्यापन के उद्देश्य से चल रही है।
मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने ऑनलाइन प्रक्रिया को और सरल किया है। डीएम ने बताया कि मतदाता घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। इसके अलावा किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है। बीएलओ भी लगातार अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हैं।