Gorakhpur News :इजराइल और फिलिस्तीन युद्ध के दौरान इजराइल में कामगारो की कमी को देखते हुए भारत में भी युवाओं को आकर्षक वेतन का लालच वहां काम करने के लिए प्रेरित कर रहा है। यूपी की योगी सरकार भी इस मौके का पूरा लाभ उठाने में लगी है और इसके लिए ITI भी ट्रेनिंग लगी हैं।
इजरायल और यूपी की योगी सरकार के बीच हुए एमओयू के तहत निर्माण श्रमिकों को इजरायल में रोजगार दिए जाने को लेकर गोरखपुर में भी जिले स्तर पर निर्माण श्रमिकों की प्री-स्क्रीनिंग की जा रही है।इस संबंध में रोजगार संगम पोर्टल पर निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण हेतु व्यवस्था प्रारंभ कर दी गई है। चयनित निर्माण श्रमिकों को इजरायल में 1.37 लाख रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा।
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चरगावां के प्रधानाचार्य संतोष कुमार ने बताया कि नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनएसडीसी) द्वारा इजरायल की संस्था पापुलेशन, इमीग्रेशन व बार्डर अथारिटी (पीआइबीए) के साथ समन्वय स्थापित कर फ्रेमवर्क/शटरिंग कारपेंटर, आयरन वेल्डिंग, सिरेमिक टाइल तथा प्लास्टरिंग कैटेगरी के निर्माण श्रमिकों को इजरायल भेजे जाने की कार्रवाई की जा रही है।उक्त ट्रेडों की अर्हता हेतु उम्र सीमा 25 से 45 वर्ष, कम से कम तीन वर्ष की वैधता का पासपोर्ट, संबंधित ट्रेड में कम से कम तीन वर्ष का अनुभव, इजरायल में पूर्व में कार्य न किया हो तथा अन्य संबंधित शर्तें एवं अहर्ताएं सेवायोजन विभाग के पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर उपलब्ध हैं।
इस हेतु अर्हता प्राप्त इच्छुक निर्माण श्रमिकों को सेवायोजन विभाग के एकीकृत पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर जॉब सीकर के रूप में इजरायल हेतु पंजीकरण करना होगा। निर्माण श्रमिकों हेतु रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण की सुविधा प्रारंभ कर दी गई है। इस संबंध में अधिक जानकारी जिले के सेवायोजन कार्यालय अथवा कॉल सेंटर के नंबर 155330 के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है।
इजराइल की पापुलेशन, इमीग्रेशन व बार्डर अथारिटी (पीआइबीए) श्रमिकों के चयन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगी। प्री-स्क्रीनिंग प्रक्रिया श्रमिकों को इजरायल भेजने की दिशा में पहला कदम होगी। प्री-स्क्रीनिंग में सफल श्रमिकों को आरपीएल के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसके बाद इजरायल की संस्था पीआइबीए व्यावसायिक कौशल परीक्षण कराएगी। परीक्षण में सफल श्रमिकों का पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल परीक्षण होगा। निर्माण श्रमिकों को इजरायल में रोजगार देने के लिएन इसके पहले प्रदेश के नौ हजार से अधिक श्रमिकों को चयनित किया जा चुका था।