
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से शादी के नाम पर ठगी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। राजस्थान से दूल्हा बनकर आए युवक और उसके परिवार को पहले शादी का सपना दिखाया गया, फिर नकली पुलिस रेड का डर दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरा खेल एक अंतरराज्यीय लुटेरी दुल्हन गैंग चला रहा था।
राजस्थान के कोटा निवासी मुकेश मीणा अपने भाई ब्रह्ममोहन मीणा के लिए लड़की की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात हरियाणा निवासी राजू शर्मा नामक बिचौलिए से हुई। राजू ने गोरखपुर की तीन युवतियों की तस्वीरें भेजीं, जिनमें से एक लड़की पसंद आने पर रिश्ता तय कर दिया गया।
लड़की पक्ष के बुलावे पर 12 मार्च को पूरा मीणा परिवार शादी के लिए गोरखपुर पहुंचा। वहां सभी रस्में सामान्य तरीके से पूरी कराई गईं और दूल्हा-दुल्हन ने स्टेज पर एक-दूसरे को वरमाला भी पहनाई।
परिवार अभी शादी की खुशी मना ही रहा था कि अचानक वहां पुलिस की रेड पड़ गई। बाद में पता चला कि यह असली नहीं, बल्कि गैंग की सोची-समझी साजिश थी।
जांच में सामने आया कि गिरोह का सरगना अंकुर सिंह खुद सब-इंस्पेक्टर (SI) की वर्दी पहनकर मौके पर पहुंचा था। उसके साथ तीन अन्य साथी सिपाही और होमगार्ड की वर्दी में मौजूद थे। सभी ने मिलकर शादी को अवैध बताते हुए दूल्हे और उसके परिजनों को गिरफ्तार करने की धमकी दी।
नकली पुलिसकर्मियों ने दूल्हे और उसके भाई को हवालात भेजने, मुकदमा दर्ज कराने और जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी। अजनबी शहर और कानूनी कार्रवाई के डर से परिवार घबरा गया। इसी डर का फायदा उठाकर गैंग ने मामला दबाने के नाम पर मोटी रकम वसूल ली। पैसे लेने के बाद कथित दुल्हन और गैंग के सदस्य मौके से फरार हो गए।
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित परिवार राजस्थान लौटा और वहां जीरो एफआईआर दर्ज कराई। चूंकि घटना गोरखपुर में हुई थी, इसलिए केस चिलुआताल थाने को ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद गोरखपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों तथा मुखबिरों की मदद से पूरे गैंग का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस ने गैंग के मास्टरमाइंड अंकुर सिंह उर्फ नकली दरोगा समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों में वह युवती नीलम भी शामिल है, जिसने शादी के मंच पर दूल्हे को वरमाला पहनाई थी। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से दूसरे राज्यों के युवकों को शादी का झांसा देकर निशाना बना रहा था।
चिलुआताल पुलिस के मुताबिक, यह एक अंतरराज्यीय ठग गिरोह है, जो राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के युवकों को फंसाता था। पहले शादी तय कराई जाती थी, फिर नकली पुलिस कार्रवाई का नाटक कर लाखों रुपये वसूले जाते थे।