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फर्जी बैंक अधिकारी बन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, बिजनौर और लखनऊ से जुड़े हैं तार

Gorakhpur Crime News: गोरखपुर पुलिस को उस समय बड़ी सफलता मिली जब ठगों के अंतर्जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग भोले भाले लोगों को मुनाफे का लालच देकर उनकी जमा पूंजी को ठगने का कार्य करते थे।
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गोरखपुर

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anoop shukla

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Updated: 21 Jun 2026, 7:29 PM IST

Up news, gorakhpur news

ठगी करने वाले अंतर्जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश (सोर्स:पत्रिका)

साइबर और आर्थिक अपराधों पर शिकंजा कसते हुए गोरखपुर पुलिस ने एक ऐसे अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करता था। पुलिस ने इस गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। इस कार्रवाई से ठगी के शिकार लोगों में उम्मीद जगी है और अपराधियों में हड़कंप मच गया है।

गोरखनाथ पुलिस की कारवाई, दो गिरफ्तार

एसपी सिटी निमिष पाटिल ने मामले का खुलासा करते हुए अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना गोरखनाथ पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मोहित चावला निवासी बिजनौर और रोहित यादव निवासी लखनऊ को गिरफ्तार किया।

पूछताछ और जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं, जो विभिन्न जिलों में जाकर खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों को ठगने का काम करते थे। गिरोह का मुख्य सरगना मोहित चावला गोरखपुर सहित अन्य शहरों में जाकर वारदात को अंजाम देता था और स्थानीय स्तर पर भी उसे सहयोग मिलता था।

बैंकों में FD कराने, अधिक ब्याज का लालच देने का करते थे काम

पुलिस के अनुसार, आरोपी भोले-भाले लोगों को बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराने, अधिक ब्याज दिलाने या पुराने नोटों के बदले नए नोट उपलब्ध कराने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। इसी तरह एक व्यक्ति को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी की साजिश रची गई थी। पीड़ित की शिकायत पर थाना गोरखनाथ में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई।

पुलिस गैंग के सदस्यों की तलाश में जुटी, अलग अलग जिलों में बनाते थे निशाना

गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं, जिनमें मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और संपर्क सूत्र शामिल हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। एसपी सिटी ने बताया कि दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी रहा है और इनके खिलाफ विभिन्न जनपदों में कई मामले दर्ज हैं। यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग जिलों में जाकर लोगों को निशाना बनाता था, जिससे इनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता था।

पुलिस की अपील…अंजान व्यक्ति के झांसे में न आएं

पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अब तक इस गिरोह ने किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया है। CO गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर बैंकिंग से जुड़ी जानकारी या धनराशि न दें। किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑफर की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई की जा सके।