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‘भूखा नहीं रहेगा कोई बच्चा’, गोरखपुर में CM योगी ने किया आधुनिक अक्षय पात्र किचन का शुभारंभ

Akshaya Patra Kitchen inauguration: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में गुरुवार को अक्षय पात्र किचन का उद्घाटन किया। इस मौके पर सीएम योगी ने परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा। सीएम ने बच्चों को खीर परोसकर उनका हालचाल जाना और उनसे बातचीत की।
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गोरखपुर

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anoop shukla

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Updated: 25 Jun 2026, 7:33 PM IST

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CM योगी ने अक्षय पात्र किचन का उद्घाटन किया ( सोर्स: पत्रिका)

गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अक्षय पात्र फाउंडेशन द्वारा स्थापित अत्याधुनिक केंद्रीय रसोई का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, और इस तरह की पहलें समाज के उज्जवल भविष्य की आधारशिला हैं।

योजना के तहत लाखों बच्चों को मिलेगा भोजन

यह केंद्रीय रसोई आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्वच्छ, पौष्टिक एवं संतुलित भोजन तैयार किया जाएगा। इस रसोई के माध्यम से गोरखपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के विद्यालयों में अध्ययनरत लाखों बच्चों को मिड-डे मील योजना के अंतर्गत भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। फाउंडेशन की यह पहल बच्चों में कुपोषण की समस्या को कम करने और शिक्षा के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

2019 से शुरू हुआ था अक्षय पात्र का अभियान

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में अक्षय पात्र फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2019 से गोरखपुर में शुरू हुआ यह अभियान अब और व्यापक रूप ले रहा है। पहले जहां हजारों बच्चों तक भोजन पहुंचता था, वहीं अब इस नई रसोई के माध्यम से यह संख्या लाखों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि “कोई भी बच्चा भूखा न रहे” यह संकल्प तभी साकार होगा जब सरकार और समाज मिलकर ऐसे प्रयास करें।

अत्याधुनिक रसोई से पर्यावरण रहेगा अनुकूल

गोरखपुर में शुरू हुई इस अत्याधुनिक रसोई में भोजन निर्माण की प्रक्रिया पूरी तरह स्वचालित और वैज्ञानिक है। यहां उच्च गुणवत्ता वाले उपकरणों के माध्यम से भोजन तैयार किया जाता है, जिससे स्वच्छता और पोषण दोनों सुनिश्चित होते हैं। साथ ही, सौर ऊर्जा का उपयोग, जल संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी व्यवस्थाएं इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाती हैं।

फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस रसोई की क्षमता प्रतिदिन लाखों भोजन तैयार करने की है और भविष्य में इसे और विस्तार दिया जाएगा। इसके साथ ही अधिक से अधिक विद्यालयों को इससे जोड़ने की योजना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को इसका लाभ मिल सके।

प्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान

कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह न केवल बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाएगी, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

नियमित तैयार होगा एक लाख बच्चों का भोजन

द अक्षयायात्र फाउंडेशन के उपाध्यक्ष चंचलपति दास ने बताया कि 1 लाख बच्चों का भोजन इस किचन में रोज तैयार होगा। अक्षय पात्र का मिशन है कि भूख के कारण शिक्षा से वंचित न रह जाएं। मुख्यमंत्री के सहयोग के बिना यह किचन शुरू करना संभव नहीं है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से ढाई एकड़ जमीन दी गई। इस किचन में रोटी मेकिंग मशीन है जो 40 हजार रोटी हर घंटे में बना सकती है।

40 हजार रोटियां बनेंगी, 1200 KG चावल पकेगा

किचन में मशीनों से हर घंटे 40 हजार रोटियां बनाई जा सकेंगी, जबकि स्टीम तकनीक से मात्र 15 मिनट में 1200 किलो चावल पकाया जाएगा। तीन से चार घंटे के भीतर एक लाख बच्चों का भोजन तैयार हो जाएगा। यहां से स्कूलों तक भोजन पहुंचाने के लिए करीब 100 वाहनों की व्यवस्था की गई है।