गोरखपुर

चलती ट्रेन में बेहोश हुआ गोरखपुर-पटना वंदे भारत का लोको पायलट, सहायक ने संभाला मोर्चा, 70 की थी रफ्तार

Gorakhpur-Patna vande bharat train news: Vande bharat trains: गोरखपुर से पटना (पाटलिपुत्र) जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (26502) रविवार को एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई।
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Jul 13, 2026
Vande Bharat Trains
वंदे भारत(फोटो-X/@TheBengalIndex)

Gorakhpur-Patna Vande Bharat Express: गोरखपुर से पटना (पाटलिपुत्र) जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस (26502) रविवार को एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गई। बताया जा रहा है कि ट्रेन करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी इसी दौरान मुख्य लोको पायलट की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। ऐसे में सहायक लोको पायलट ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए ट्रेन को निकटतम उनौला स्टेशन तक पहुंचाकर बड़ा हादसा टाल दिया।

जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस रविवार सुबह अपने निर्धारित समय पर गोरखपुर जंक्शन से रवाना हुई थी। कैंट रेलवे स्टेशन पार करने के कुछ देर बाद मुख्य लोको पायलट हेमंत की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह ट्रेन में ही ही बेहोश हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सहायक लोको पायलट ने तत्काल ट्रेन की कमान संभाली और उसे उनौला रेलवे स्टेशन तक सुरक्षित पहुंचाया।

इलाज के बाद दोबारा चलाई ट्रेन

बताया जा रहा है कि सहायक चालक ने स्टेशन पर पहले से सूचना दे दी थी, जिसके बाद चिकित्सकों की टीम पहले से ही स्टेशन पर मौजूद रही। डॉक्टरों ने मुख्य लोको पायलट का प्राथमिक उपचार किया, जिसके बाद उनकी हालत में कुछ सुधार हुआ। स्वास्थ्य बेहतर होने पर उन्होंने दोबारा ट्रेन का संचालन शुरू किया। हालांकि, यात्रा के दौरान जब ट्रेन पिपराइच स्टेशन पहुंची तो उनकी तबीयत फिर से खराब हो गई।

इसके बाद रेलवे अधिकारियों ने कोई जोखिम न लेते हुए मुख्य लोको पायलट को ट्रेन से उतारकर उपचार के लिए भेज दिया। उन्हें आगे की चिकित्सा के लिए नरकटियागंज बेस रवाना किया गया। वहीं, ट्रेन के संचालन के लिए दूसरे लोको पायलट, एक लोको इंस्ट्रक्टर और गार्ड को तत्काल पिपराइच भेजा गया। नया चालक दल पहुंचने के बाद वंदे भारत एक्सप्रेस को फिर से पटना के लिए रवाना किया गया।

क्या बोले सीपीआरओ

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) ने बताया कि मुख्य चालक की तबीयत अचानक खराब होने के बावजूद सहायक लोको पायलट ने सूझबुझ का परिचय दिया। उनकी सूझबूझ के कारण ट्रेन को सुरक्षित स्टेशन तक पहुंचाया जा सका और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित रही।
इस घटना के दौरान किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। हालांकि, कुछ समय के लिए ट्रेन का संचालन प्रभावित रहा, लेकिन वैकल्पिक चालक की व्यवस्था होने के बाद ट्रेन को सुरक्षित अपने गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया।

Updated on:
13 Jul 2026 09:13 am
Published on:
13 Jul 2026 09:13 am
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