गोरखपुर

बिश्नोई गैंग से जुड़े असलहा तस्कर गिरोह पर गोरखपुर पुलिस का बड़ा प्रहार, दो युवक व बाल अपचारी गिरफ्तार

Gorakhpur news: खोराबार पुलिस की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह को असलहा उपलब्ध कराने वाले मुख्य तस्कर कौन हैं, हथियारों की सप्लाई किन राज्यों से होती है और गोरखपुर समेत पूर्वांचल के किन-किन अपराधों में इस नेटवर्क के हथियारों का इस्तेमाल हुआ है।
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Oct 04, 2026
Arrest News
प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो सोर्स-IANS)

Larence Vishnoi gang : अवैध असलहों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में गोरखपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। खोराबार थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय अवैध असलहा तस्करों के गिरोह से जुड़े दो युवकों और एक बाल अपचारी को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 315 बोर का अवैध तमंचा, 32 बोर की अवैध पिस्टल मय मैगजीन, 7.65 बोर का जिंदा कारतूस और स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई है।

पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपी जिस नेटवर्क से असलहे हासिल कर रहे थे, उसी नेटवर्क से पहले भी गोरखपुर और आसपास के जिलों में अपराधियों तक हथियार पहुंचाए गए थे।

सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ कैंट अरुण कुमार एस ने बताया कि खोराबार थाना क्षेत्र में मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए अफजल खान पुत्र नूरूल हुदा खान निवासी डिबिया, थाना कैंट, उम्र करीब 19 वर्ष, मो. शमी पुत्र कुर्बान अली निवासी दिव्यनगर रानीडीहा, थाना कैंट, उम्र करीब 20 वर्ष तथा एक बाल अपचारी को पकड़ा।

इन चीजों की हुई बरामदगी

तलाशी के दौरान उनके पास से 315 बोर का तमंचा, 32 बोर की पिस्टल, उसकी मैगजीन और 7.65 बोर का जिंदा कारतूस बरामद हुआ। इनके कब्जे से स्विफ्ट डिजायर कार संख्या UP 53 BF 2735 भी मिली है। इस मामले में खोराबार थाने में मु0अ0सं0 471/2026 के तहत धारा 55, 61 बीएनएस और 9/25(1ए) आयुध अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस खंगाल रही है नेटवर्क

एएसपी/सीओ कैंट के मुताबिक पकड़े गए असलहा तस्करी नेटवर्क का कनेक्शन बिश्नोई गैंग से जुड़े लोगों तक बताया जा रहा है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। पूछताछ में सामने आया है कि पकड़े गए आरोपियों ने जिस नेटवर्क से असलहे हासिल किए, उसी स्रोत से पहले चिलुआताल थाना क्षेत्र में हुई हत्या में इस्तेमाल हथियार भी पहुंचा था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि असलहों की सप्लाई कहां से होती थी और गिरोह के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।

पुलिस के अनुसार एसटीएफ गोरखपुर और एंटी थेफ्ट टीम की संयुक्त कार्रवाई में पूर्व में पांच आरोपियों श्रेयांश यादव उर्फ बबलू, अजीत यादव, अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी और राहुल गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। इनके कब्जे से चार पिस्टल मय मैगजीन, एक रिवाल्वर और कारतूस बरामद हुए थे। इनसे पूछताछ के बाद अवैध असलहा सप्लाई नेटवर्क से जुड़े कई अन्य मामलों का खुलासा हुआ।

संतकबीर नगर, कुशीनगर से भी हुई गिरफ्तारी

पुलिस ने बताया कि 23 अगस्त 2026 को संतकबीरनगर के थाना कोतवाली क्षेत्र में चंद्र प्रकाश सिंह उर्फ चंदन सिंह को दो अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया गया था। वहीं 15 सितंबर को कुशीनगर के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में मोहम्मद आसिफ को अवैध पिस्टल के साथ पकड़ा गया था। उसकी गिरफ्तारी पर कुशीनगर पुलिस की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।

चिलुआताल थानाक्षेत्र में हुई हत्या से भी जुड़े थे तार

इसी कड़ी में 17 मार्च 2026 को चिलुआताल थाना क्षेत्र में राज कुमार चौहान की गोली और चाकू मारकर हत्या के मामले में इस्तेमाल दो अवैध पिस्टल बरामद करते हुए मनीष यादव और सचिन यादव को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 26 सितंबर को कैंट थाना क्षेत्र से करन सोनकर को अवैध ऑटोमेटिक पिस्टल के साथ पकड़ा गया। 30 सितंबर को कैंट पुलिस ने मुलायम निषाद उर्फ नितेश, शैलेंद्र निषाद, चंदन जायसवाल उर्फ लकी और 10 हजार रुपये के इनामी वीरू साहनी उर्फ गौरव को दो अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था। इसी मामले में प्रमोद यादव और राजू यादव ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था।

18 आरोपियों की गिरफ्तारी

पुलिस का दावा है कि अब तक अवैध असलहा तस्करों के इस नेटवर्क से जुड़े 18 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और अभियान के दौरान कुल 14 अवैध शस्त्रों की बरामदगी की गई है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों को एक ही गिरोह के माध्यम से पिस्टल और अन्य अवैध हथियार उपलब्ध कराए गए थे।

Updated on:
04 Oct 2026 03:36 pm
Published on:
04 Oct 2026 03:35 pm