
गोरखपुर। आयकर विभाग ने शहर के एक बड़े उद्योगपति पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। रविवार को इंकमटैक्स की टीम ने उनके आवास व अन्य ठिकानों पर छापा मारकर सनसनी फैला दी थी। कई घंटों तक गोरखपुर, दिल्ली व कोलकाता के उनके ठिकानों पर आयकर विभाग के अधिकारी कागजात खंगालते रहे। हालांकि, इतनी बड़ी छापेमारी के दौरान व्यवसायी सामने नहीं आए। टीम ने कई दस्तावेजों को अपने नियंत्रण में कर लिया है।
आयकर विभाग सूत्रों के अनुसार जानेमाने उद्योगपति अनुज पोद्दार के दिल्ली, गोरखपुर, महराजगंज व कोलकाता स्थिति ठिकानों, पुश्तैनी घर, फार्म हाउस आदि पर आयकर विभाग ने रेड किया था। एक साथ किए गए इस रेड के दौरान पोद्दार परिवार का कोई सदस्य सामने नहीं आया। केवल कुछ कर्मचारी ही मौजूद रहे। विभिन्न कागजातों को अधिकारियों ने देखा। कंप्यूटर-लैपटाॅप से भी आवश्यकत दस्तावेज टीम ने अपने कब्जे में लिया।
जांच अधिकारी के अनुसार एक साथ किए गए इस रेड में काफी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को टीम ने जब्त किया है। करीब चार घंटे की गहन छानबीन के बाद ये दस्तावेज मिले हैं। जांच के दौरान व्यवसायी के फर्माें में काम करने वाले कर्मचारी ही मौजूद रहे। उनकी ही मौजूदगी में जांच की गई।
उन्होंने बताया कि कागजातों की फिलहाल जांच-पड़ताल की जा रही है। इन्हीं कागजातों के अध्ययन के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यूक्रेन की माॅडल से संबंध उजागर होने के बाद सुर्खियों में आए
यूक्रेन की माॅडल डारिया मोलचन की गोरखपुर में गिरफ्तारी के बाद अनुज पोद्दार सुर्खियों में आए थे। डोरिया मोलचन पर देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का शक था। बताया जा रहा था कि देश के महत्वपूर्ण सुरक्षा दस्तावेजों को देश विरोधी ताकतों के लिए उसने रसूखदार लोगों से संबंध बनाकर लीक किए हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे कोई सबूत नहीं मिले। लेकिन नकली वीजा-पासपोर्ट बनवाने और यूक्रेन-नेपाल से लेकर भारत तक डारिया के सुख-सुविधा का इंतजाम करने वालों में जिन लोगों का नाम आया था उसमें अनुज पोद्दार का भी नाम शामिल था।