
Amrit Bharat Express: गोरखपुर, पूर्वांचल एवं बिहार के यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। भुज और बरौनी के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस ट्रेन के परिचालन से गोरखपुर सहित पूर्वांचल और बिहार के यात्रियों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी एवं आवागमन की सुविधा मिलेगी।
गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला ने कहा कि इस ट्रेन की आवश्यकता गोरखपुरवासियों, पूर्वांचल एवं बिहार के यात्रियों को लंबे समय से थी। यात्रियों की इस मांग को लेकर उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर पहल की थी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में रेलवे के आधुनिकीकरण, विस्तार और यात्री सुविधाओं को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है। अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का विस्तार इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूर्वांचल और बिहार जैसे क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
सांसद रवि किशन शुक्ला ने कहा कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पूर्वांचल एवं बिहार के यात्रियों के हितों को ध्यान में रखते हुए भुज–बरौनी के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस की सौगात दी है। यह ट्रेन गोरखपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी।
उन्होंने कहा, “गोरखपुरवासियों और पूर्वांचल-बिहार के यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही आवश्यकता को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का हृदय से आभार एवं धन्यवाद। यह सौगात क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए सुविधा और बेहतर कनेक्टिविटी का माध्यम बनेगी।रवि किशन शुक्ला ने कहा कि गोरखपुर की जनता की सुविधाओं एवं क्षेत्र के विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के साथ केंद्र सरकार के समक्ष उठाना उनकी निरंतर प्रतिबद्धता है।
ट्रेनों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे ने NER के वाराणसी मंडल में 614.75 किलोमीटर रेल मार्ग पर ‘कवच 4.0’ लगाने की मंजूरी दी है। इस परियोजना पर करीब 223 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके साथ ही वाराणसी मंडल के उन रेलखंडों में भी स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम का विस्तार होगा।
जहां अभी इसका काम बाकी है। ‘कवच’ भारतीय रेलवे की स्वदेशी तकनीक है। इसका मुख्य उद्देश्य ट्रेन को सिग्नल पार करने से रोकना और आपात स्थिति में अपने आप ब्रेक लगाकर दुर्घटना की आशंका कम करना है। ट्रेन के निर्धारित गति से अधिक चलने या सामने दूसरी ट्रेन होने जैसी स्थिति में यह सिस्टम लोको पायलट को चेतावनी देने के साथ जरूरत पड़ने पर ऑटोमैटिक ब्रेकिंग में मदद करता है।