गोरखपुर

अब चावल, मक्का और जौ से होगा बायो फ्यूल का उत्पादन, देसी और अंग्रेजी बीयर का भी उत्पादन

गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण में 1200 करोड़ रुपए की लागत से इथेनॉल का प्लाटं लगाया जाएगा। प्लांट में चावल, मक्का और जौ की मदद से बायो फ्यूल यानी इथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। साथ ही प्लांट में देसी, अंग्रेजी और बीयर का उत्पादन भी किया जाएगा।

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Oct 07, 2022
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गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के तहत जल्द ही इथेनॉल का प्लाटं लगाया जाने वाला है। इस प्लांट में चावल, मक्का और जौ की मदद से बायो फ्यूल यानी इथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। जिसकी शुरुआत भूमि पूजन के साथ ही कर दी गई है। 1200 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाले इस इथेनॉल प्लांट के लिए सिविल वर्क का काम भी शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा प्लांट में देसी, अंग्रेजी और बीयर का उत्पादन भी किया जाएगा। जिससे शराब लवर्स को भी फायदा होगा। साथ ही करीब दो हजार के आसपास लोगों के लिए नौकरी के अवसर भी बनेंगे। बता दें कि कंपनी के एमडी और अन्य सदस्यों ने दशहरा के अवसर पर गीडा में प्लांट की स्थापना के लिए मंत्रोचार के बीच भूमि पूजन किया था।

प्रतिदिन होगा करीब 3.50 लाख लीटर इथेनॉल का उत्पादन

जानकारी के अनुसार, गीडा में स्थापित होने वाले ग्रेन बेस्ड (चावल और मक्का आधारित) प्लांट के लिए यूपी सरकार और बलिया की कंपनी मेसर्स केयान डिस्टिलरी के बीच एमओयू किया गया है। वहीं इंडियन ऑयल के साझा सहयोग गीडा में स्थापित होने वाले प्लांट से हर दिन करीब 3.50 लाख लीटर इथेनॉल का उत्पादन किया जा सकेगा। इसके अलावा देसी, अंग्रेजी शराब और बीयर का उत्पादन भी किया जा सकेगा। इससे एक फायदा ये भी होगा कि करीब दो हजार के आसपास लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बन सकेंगे।

प्लांट में करीब 15 मेगावाट बिजली का होगा उत्पादन

गौरतलब है कि शहर में बनने वाला इथेनॉल प्लांट ऊर्जा को लेकर आत्मनिर्भर होगा। इस डिस्टिलरी प्लांट में करीब 15 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। प्लांट में खर्च होने के बाद अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजा जाएगा। इस पर बात करते हुए केयान डिस्टिलरीज के एमडी विनय कुमार सिंह ने बताया कि गीडा में बनने वाला ये इथेनॉल प्लांट एशिया के बड़े इथेनॉल प्लांट में से एक होगा। जिसके लिए कच्चे माल यूपी के साथ ही बिहार और पश्चिम बंगाल से मंगाया जाएगा। इसके लिए चावल, जौ और मक्का कच्चा माल होगा।

प्लांट 18 से 24 महीने में बनकर हो जाएगा तैयार

एमडी ने बताया कि डिस्टिलरी प्लांट में देसी शराब और बीयर का उप्तादन भी किय जाएगा। करीब 20 एकड़ में स्थापित हो रहे इस प्लांट के लिए कंपनी ने इंडियन ऑयल के साथ अनुबंध (एमओयू) कर लिया है। प्लांट 18 से 24 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। ग्रेन बेस्ड इथेनॉल प्लांट पर करीब 750 करोड़ रुपये और डिस्टिलरी प्लांट पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। वहीं गीडा के सीईओ पवन अग्रवाल ने कहा कि गीडा की तरफ से उद्यमियों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।

Published on:
07 Oct 2022 11:10 am