
Gorakhpur Sipahi Kidnap Murder Case: गोरखपुर में अभी फिरौती के लिए दस वर्षीय बच्चे का अपहरण कर उसकी हत्या कर देने की घटना के कुछ ही घंटे हुए थे कि एक अन्य घटना में एक सिपाही द्वारा दस वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर लाश फेंक देने का मामला सामने आया है।
मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले पीड़ित पिता पिछले चार सालों से गोरखपुर में परिवार पत्नी और 5 बेटियों के साथ किराए पर रहकर ई-रिक्शा चलाते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 27 जुलाई को 13 साल की बड़ी बेटी की तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
28 जुलाई की रात करीब साढ़े आठ बजे 10 साल की मंझली बेटी अस्पताल में भर्ती अपनी बहन के लिए खाना लेकर गई थी। रात 10 बजे वह अस्पताल से घर के लिए निकली, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं पहुंची। परिजनों ने अस्पताल और आसपास हर जगह तलाश की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए 10 विशेष टीमें गठित कीं। पुलिस ने जिला अस्पताल से लेकर शहर के विभिन्न मार्गों पर लगे करीब दो सौ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाले तो वर्दी में एक युवक बच्ची का बाइक से पीछा करते और फिर उसे अपनी बाइक पर बैठाकर ले जाते दिखा। जांच में युवक की पहचान डायल-112 में तैनात गाजीपुर जिले के रहने वाले सिपाही अभिषेक यादव के रूप में हुई। इस पर पुलिस ने सिपाही को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और शव को नदी में फेंकने की बात मानी। गुरुवार सुबह साढ़े आरोपी सिपाही की निशानदेही पर पुलिस ने शव को बरामद किया है।
SSP गोरखपुर डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि आरोपित पर पहले भी युवती से छेड़खानी का मामला दर्ज था, जिसके चलते वह निलंबित रहा था। बाद में सितंबर 2025 में उसकी बहाली हुई थी। पूछताछ में आरोपित ने शोर मचाने पर बच्ची की गला घोंटकर हत्या करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने टिनशेड से बच्ची की चप्पल बरामद की है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद धाराएं बढ़ाई जाएंगी। SSP ने बताया कि आरोपी को बर्खास्त करने की रिपोर्ट भेज दी है। आरोपी पर रासुका (एनएसए) भी लगाया जाएगा।