एक किशोरी की दर्दनाक कहानी
सिद्धार्थनगर की रहने वाली एक किशोरी को अगवा कर दरिंदों ने रेप किया फिर उसे मुंबई ले जाकर बेच दिया। कई महीनों तक एशिया के सबसे बड़े स्लम क्षेत्र में उसको रखकर दरिंदगी की जाती रही। किसी तरह चंगुल से छूटकर भागी किशोरी घर पहुंची तो अदालत में पहुंच अपना बयान दर्ज कराया।
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कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली तेरह वर्षीय किशोरी को बीते साल दो अक्तूबर को कुछ लोग जबरिया अपहृत कर ले गए थे। परिजन के मुताबिक सात आठ की संख्या में घर पर धावा बोलकर लोग किशोरी को चार पहिया से अगवा कर लिए थे। काफी दौड़भाग के बाद पुलिस ने इस बाबत रिपोर्ट तो दर्ज किया लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई से बचती रही। करीब एक साल बाद किशोरी के बारे में परिजन को पता चल सका। एक रिश्तेदार ने फोन कर बताया कि किशोरी मिल गई है।
घर पहुंची किशोरी ने पुलिस व अदालत में अपनी आपबीती सुनाई। बयान के अनुसार किशोरी को अगवा करने के बाद एक अज्ञात जगह पर ले जाया गया। वहां किसी कमरे में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। कई दिनों तक उसके साथ मनमानी के बाद मुंबई ले जाकर बेच दिया। पीड़िता के मुताबिक जिसको उसे बेचा गया था उसने उसे धारावी में एक कमरे में रखे हुए थे। एक दिन वह मौका देखकर फरार हो गई। यहां से वह अपने किसी रिश्तेदार से संपर्क किया। रिश्तेदार की मदद से वह पुनः घर लौटी।