सोमवार को पेट्रोलियम कंपनियों के राज्य स्तरीय अधिकारियों और गैस एजेंसी संचालकों के बीच हुई एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में इन बंदिशों की जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि युद्ध के चलते बिगड़ रहे वैश्विक हालातों को देखते हुए गैस की राशनिंग अनिवार्य हो गई है।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने मंगलवार को अपने कार्यालय में पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को उनका त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि जनपद में आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस दौरान डीएम ने घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर भी स्पष्ट किया कि जनपद में इनकी किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई गैस एजेंसी उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान करती है या अवैध तरीके से गैस सिलेंडरों का स्टॉक जमा करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने एडीएम सिटी को निर्देश दिया कि जनपद की सभी गैस एजेंसियों पर पर्याप्त संख्या में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं, ताकि वितरण व्यवस्था पर निगरानी रखी जा सके और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता न होने पाए।
डीएम ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि कोई व्यक्ति अफवाह फैलाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि हाल ही में त्योहारी सीजन के दौरान गैस सिलेंडरों की खपत सामान्य से अधिक हो जाती है।
त्योहारी अवधि समाप्त होने के बाद कुछ उपभोक्ताओं को मैसेज तकनीकी कारणों से देरी से मिलने की समस्या हुई थी, जिसे अब दुरुस्त कर दिया गया है। प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध हो सके।