
गोरखपुर। योगी सरकार के बजट में यूपी के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए बजट तो एलाॅट हुआ ही है मुख्यमंत्री के जिले गोरखपुर से भी जोड़ने के लिए लिंक वे खातिर बजट स्वीकृत कर दिया गया है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के गोरखपुर से जुड़ने से विकास को नया आयाम मिलेगा।
341 किलोमीटर लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेस लखनऊ, बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर, बनारस, बलिया से जुड़ेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों ऐलान किया था कि गोरखपुर से यह एक्सप्रेसवे बेलघाट-कम्हरिया घाट पुल से जुडे़गा। गोरखपुर-जैतपुर-कम्हरिया घाट मार्ग पर फोरलेन बनाकर गोरखपुर जनपद को इस एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इस एक्सप्रेस वे के निर्माण में 25 हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
बजट में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए धन आवंटित
यूपी के इस अतिमहत्वपूर्ण पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए बजट में एक हजार करोड़ रुपये एलाॅट किया गया है। जबकि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे के लिए प्रारंभिक कार्य खातिर करीब 550 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।
19 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी के साथ योगी आदित्यनाथ करेंगे शिलान्यास
प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेस वे का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अति महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे के शिलान्यास की जानकारी बीते दिनों गोरखपुर प्रवास के दौरान दी थी। सरकार इस एक्सप्रेसवे का निर्माण 2020 तक कराना चाहती है। 19 मार्च को इसके शिलान्यास की तारीख इसलिए चुनी गई है क्योंकि इसी दिन प्रदेश में बीजेपी सरकार का एकसाल पूरा हो रहा है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर भी हो सकेगी इमरजेंसी लैंडिंग
लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे की तरह इस एक्सप्रेसवे पर भी एयर स्ट्रिप बनाया जाएगा। यहां भी विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग हो सकेगी। बताया जा रहा है कि इसके लिए सुल्तानपुर के कूडेभार ब्लाॅक में जगह चिंहित किया गया है। इस एक्सप्रेसवे को औद्योगिक काॅरिडोर से भी जोड़ने की प्रदेश सरकार की योजना है।
सूबे के चार धार्मिक स्थलों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
प्रदेश का सबसे लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे चार धार्मिक स्थलों को भी जोड़ेगा। इस एक्सप्रेस वे के निर्माण के बाद काशी, इलाहाबाद, अयोध्या और गोरखपुर सीधे तौर पर जुड़ जाएगा।