संगठन और जनप्रतिनिधियों की क्षेत्रवार बैैठक कर हकीकत जानेंगे मुख्यमंत्री
गोरखपुर। लोकसभा उपचुनाव में गोरखपुर संसदीय सीट हारने के बाद यूपी में बीजेपी की प्रचंड जीत का इतिहास दोहराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमान खुद संभाल ली है। जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाने से लेकर सरकार की योजनाओं को जनजन तक पहुंचाने के लिए योगी ने स्वयं समीक्षा के साथ निगरानी करना शुरू कर दिया है।
गोरखपुर संसदीय सीट पर बीते दिनों हुए उपचुनाव में तीन दशक बाद करारी हार मिलने से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर खासे सक्रिय हो चुके हैं। इसके लिए वह अभी से रणनीति बनाने के साथ कमान संभाल चुके हैं। मुख्यमंत्री अब क्षेत्रवार संगठन की बैठक करने के साथ जनप्रतिनिधियों की बैठक भी करेंगे। इसकी शुरूआत सीएम ने गोरखपुर क्षेत्र की बैठक कर कर चुके हैं। रविवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसदों-विधायकों को मिशन 2019 की सफलता के लिए टिप्स देने के साथ जनता के बीच रहने का मंत्र भी दिया। उन्होंने सांसद-विधायकों को गांव-गांव भ्रमण कर उनकी समस्याओं को सुनने और जनकल्याणकारी योजनाओं को बताने और समझाने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने यह साफ किया कि सांसद-विधायक अपने अपने क्षेत्र में विकास योजनाओं को समन्वय बनाकर प्रस्ताव बनवाए। सरकार इन प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान करेगी।
25 करोड़ तक का प्रस्ताव प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में
अब प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये से सड़क बनवाई जायेगी। सांसद स्थानीय विधायक के साथ बैठक कर ऐसी सड़को का प्रस्ताव देंगेे। इसके अलावा क्षेत्र की बहुप्रतिक्षित मांग जैसे कि महाविद्यालय, पालीटेक्निक, आईटीआई, सीएचसी, ओवर ब्रिज का प्रस्ताव भी देंगे।
अब गांव-गांव लगाया जाएगा चौपाल, जनता को बताएंगे काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को गांव में जाने और चैपाल लगाकर सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं को जनता से बताने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रत्येक सांसद, विधायक से कहा कि वे भारत सरकार एवं राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओ को लेकर जनता के बीच जाये और इसकी खुबियो से अवगत करायें अपना कैम्प कार्यालय स्थापित करें और प्रतिदिन लोगो से मिले, उनकी समस्याओ को सुने और न्यायसंगत कार्यवाही करें।
इन योजनाओं की खूबियां गिनाएंगे सांसद-विधायक
प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण), उज्जवल योजना में गैस कनेक्शन, सौभाग्य योजना में निशुल्क विद्युत कनेक्शन, मनरेगा में 100 दिन का मानदेय, शौचालय का अतिरिक्त लाभ, शहरी आवास योजना, किसानो को कर्जमाफी, पात्र व्यक्तियो को राशन कार्ड, विद्युतीकरण योजना, गम्भीर बीमारियो के इलाज के लिए 1 से 5 लाख रूपये तक की आर्थिक सहायता, आष्युमान भारत योजना के लाभ गिनाने का निर्देश दिया।