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दलित वोट बैंक के लिए बीजेपी चलने जा रही यह चाल, प्रधानमंत्री लाएंगे अध्यादेश, इस दलित मंत्री ने किया खुलासा

अखिलेश के शासनकाल में प्रमोशन में रिजर्वेशन खत्म करने का आरोप
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गोरखपुर

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Dheerendra Vikramadittya

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Updated: 15 May 2018, 2:52 AM IST

lalji

गोरखपुर। यूपी सरकार में अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष डाॅ.लालजी प्रसाद ने समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी को दलित विरोधी बताया है। दोनों दलों को आड़े हाथों लेते हुए डाॅ.लालजी प्रसाद ने कहा कि मायावती ने अपने शासनकाल में दलित एक्ट को कमजोर करने का शासनादेश जारी कराया था। अखिलेश यादव ने भी दलितों को छलने का काम किया। अखिलेश के शासनकाल में प्रमोशन में रिजर्वेशन खत्म किया गया था। दोनों ने दलितों और पिछड़ों को धोखा दिया।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बीजेपी में ही दलितों का हित सुरक्षित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दलित एक्ट को मजबूत करने का अध्यादेश ला रहे हैं। दलित एक्ट को नवीं अनुसूची में डाला जाएगा। बीजेपी दलितों की हितचिंतक है। बसपा व सपा तो केवल उनके वोट पर सत्तासुख भोग रहे। लेकिन अब देश व प्रदेश का दलित समझ चुका है कि दोनों दल दलितों और पिछड़ों को केवल वोटबैंक समझ रहे। पिछले दो चुनावों में दलित-पिछड़ों ने बीजेपी को प्रचंड बहुमत से जीताया। दलितों-पिछड़ों को सपा और बसपा के बहकावे में नहीं आना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और मायावती दोनों सिर्फ सत्ता की चाह में करीब आ रहे हैं।

डाॅ.आंबेडकर को सबसे अधिक सम्मान योगी आदित्यनाथ ने दिया

डाॅ.लालजी प्रसाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए कहा कि डॉ. आंबेडकर को भारत रत्न से भी बड़ा सम्मान योगी आदित्यनाथ ने दिया। आंबेडकर का सही नाम अब लोग जान सकेंगे। किसी दल ने उनको ऐसा सम्मान नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्टैंडअप व स्टार्टअप इंडिया योजना के तहत दलितों को भी आगे बढ़ने का मौका मिल रहा। दलित इस योजना का लाभ उठाकर अपना उद्योग-धंधा कर रहे हैं, आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बैंक दलित और महिला को 10 लाख से लेकर एक करोड़ तक ऋण स्वीकृत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत दलितों के लिए 65 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान है। प्रदेश के 11,225 लोगों को हाथ से मैला उठाने के लिए चिह्नित किया गया है। इस प्रथा के खात्मे के लिए 40 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इनके स्वरोजगार के लिए 1.50 करोड़ की राशि तय की गई है।