
बलिदानियों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते SSP (स्रोत: अनूप शुक्ला)
Police officer's pay tribute to martyrs: पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पुलिस बल के साहस, समर्पण और नागरिकों की सुरक्षा में उनके योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर लिखा कि आज पुलिस स्मृति दिवस पर मैं उन सभी वीर पुलिस कार्मिकों को कृतज्ञतापूर्वक नमन करता हूँ, जिन्होंने देश की सुरक्षा, समाज की शांति और नागरिकों के जीवन की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
कर्तव्य की वेदी पर अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर पुलिस कार्मिकों का शौर्य, साहस और समर्पण हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत है।
वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में माफिया राज था। उस समय अराजक तत्वों के हौसले इतने बुलंद थे कि मथुरा के जवाहर बाग में कानून की रक्षा करते हुए हमारे वीर पुलिस अधिकारियों को अपने प्राणों का बलिदान देना पड़ा।
आज नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है। उत्तर प्रदेश उपद्रव से उत्सव प्रदेश बना है। पुलिस को अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की स्वतंत्रता मिली है। 2.26 लाख से अधिक पुलिस भर्तियों, प्रशिक्षण क्षमता में 10 गुना वृद्धि, 7 बड़े शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली, प्रत्येक जनपद में साइबर थाने तथा प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना से पुलिस व्यवस्था अधिक सक्षम, आधुनिक और जवाबदेह बनी है।
गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत 88,973 अपराधियों पर कार्रवाई और ₹15 हजार करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति की जब्ती अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध हमारी दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
आज इस अवसर पर हमारा संकल्प है कि वीर पुलिस कार्मिकों के बलिदान और उनके परिवारों के त्याग को सदैव स्मरण रखते हुए हम उत्तर प्रदेश को सुरक्षित, न्यायपूर्ण और भयमुक्त बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।
जय हिंद।
उधर, पुलिस स्मृति दिवस पर बुधवार को पुलिस लाइन स्थित स्मृति स्थल पर कर्तव्य निर्वहन के दौरान प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर शहीद जवानों के शौर्य, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को नमन किया। इस दौरान वर्ष 1959 से अब तक देश और समाज की सुरक्षा में बलिदान देने वाले वीर जवानों को याद किया गया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में एडीजी जोन राम कुमार, डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, एसएसपी डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी निमिष पाटिल, एसपी उत्तरी राजेश धुनावता, एसपी दक्षिणी दिनेश कुमार पुरी, एसपी पुलिस रेडियो राम निवास सिंह यादव, एसपी रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र, एसपी एसएसएफ द्वितीय वाहिनी रवि और एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने बलिदानियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की।
पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास 21 अक्टूबर 1959 से जुड़ा है। इस दिन लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले का मुकाबला करते हुए 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। उन्हीं वीर जवानों की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन कर्तव्य की राह में सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों के साहस और समर्पण की याद दिलाता है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस के उन जवानों को भी श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने 25 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के बीच कर्तव्य पालन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। अधिकारियों ने उनके त्याग और जनसेवा के प्रति समर्पण को याद किया।
Updated on:
21 Oct 2026 10:54 am
Published on:
21 Oct 2026 10:33 am
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