19 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

महिलाओं की सुरक्षा पर CM योगी का बड़ा बयान, हर थाने में महिला सहायता केंद्र और 1090 हेल्पलाइन

Cm yogi news: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सोमवार को महानवमी के अवसर पर गोरखपुर में कन्या पूजन किया। उन्होंने कन्याओं के पैर धोकर उपहार भेंट किए।
2 min read
Google source verification
Up news, gorakhnath mandir

कन्या पूजन करते सीएम योगी(सोर्स: अनूप शुक्ला)

CM Yogi Adityanath: शारदीय नवरात्र की नवमी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के बाद गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार कन्या पूजन किया। उन्होंने कन्याओं के पैर धोए, माथे पर तिलक लगाया और चुनरी ओढ़ाकर उनका पूजन किया। इसके बाद कन्याओं को भोजन परोसा और उपहार व दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान नौ कन्याओं के साथ बटुक भैरव का भी विधि-विधान से पूजन किया गया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मां भगवती को समर्पित भारतीय परंपराएं केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शासन और प्रशासन के कामकाज में भी दिखाई देती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का मिशन शक्ति अभियान इसी सोच पर आधारित है, जिसका उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। सीएम ने बताया कि प्रदेश के हर पुलिस थाने में महिला सहायता केंद्र बनाया गया है और 1090 महिला हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। इसके अलावा, हर थाने में महिलाओं की शिकायतें सुनने और उनका समाधान करने के लिए अलग कमरा है, जहां महिला बीट पुलिस अधिकारी या सब-इंस्पेक्टर स्तर की महिला पुलिस अधिकारी उनकी समस्याएं सुनती हैं और समाधान में मदद करती हैं।

कन्या पूजन के दौरान बना रहा धार्मिक वातावरण

मुख्यमंत्री ने पीतल की थाली में कन्याओं के पैर पखारे। दुर्गासप्तशती के मंत्रोच्चार के बीच उनके माथे पर रोली, चंदन, दही, अक्षत और दूर्वा से तिलक लगाया। माला पहनाकर उन्हें उपहार दिए और स्नेहपूर्वक उनसे बातचीत भी की। कन्या पूजन के दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा। नवरात्र के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना के साथ कन्या पूजन को विशेष महत्व दिया जाता है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना की थी। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और पूरे जगत के कल्याण की कामना की। गोरखपुर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सीधे गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा गोरखनाथ के दर्शन किए और अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर शीश नवाया।

महानिशा पूजा और हवन में शामिल हुए मुख्यमंत्री

महाष्टमी की रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में महानिशा पूजा और हवन किया। गोरक्षपीठ की परंपरा के अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दो घंटे से अधिक समय तक धार्मिक अनुष्ठान चला। गोरक्षपीठाधीश्वर के नेतृत्व में शक्तिपीठ में पूजा शुरू हुई। मुख्यमंत्री के गर्भगृह में पहुंचते ही वैदिक मंत्रों और मां भगवती के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।

अनुष्ठान के दौरान गौरी-गणेश, वरुण, पीठ और यंत्र पूजन के साथ मां दुर्गा की विधिवत आराधना की गई। भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता का षोडशोपचार पूजन भी हुआ। इसके अलावा भगवान कृष्ण, गोमाता, नवग्रह, विल्व और अधिष्ठात्री देवताओं की पूजा की गई। महानिशा पूजा में शस्त्र पूजन, द्वादश ज्योतिर्लिंग, अर्धनारीश्वर, शिव-शक्ति, बटुक भैरव, काल भैरव और त्रिशूल पर्वत का पूजन भी शामिल रहा।

हवन के दौरान ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र और अग्निदेव का आह्वान कर विधि-विधान से आहुति दी गई। इसके बाद शक्तिपीठ में उगे जौ के पौधों को काटकर मां दुर्गा से सभी नागरिकों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की गई। श्रीदुर्गासप्तशती के पाठ और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न हुआ। अंत में आरती और क्षमा याचना के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।

इस बीच सीएम ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि सभी सिद्धियों, सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाली मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद से उत्तर प्रदेश की नारीशक्ति अपने सामर्थ्य, संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर प्रदेश की प्रगति एवं समृद्धि में निर्णायक भूमिका निभा रही है।