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बुलेटप्रूफ गाड़ी में सवार होकर निकले योगी, जयकारों से गूंजा गोरखपुर

Cm yogi adityanath: विजयदशमी के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महायोगी गुरु गोरखनाथ का विशिष्ट पूजन-अनुष्ठान किया। गोरक्षपीठाधीश्वर के विशेष पारंपरिक परिधान में सीएम योगी ने गोरक्षपीठ की परंपरा का अनुसरण करते हुए मंगलवार सुबह विधि-विधानपूर्वक महायोगी गोरखनाथ की पूजा-आराधना कर जगत के कल्याण की प्रार्थना की।
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सीएम योगी (सोर्स: अनूप शुक्ला)

Vijyadashmi parv : में विजयादशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में पारंपरिक विजयादशमी शोभायात्रा निकाली। बुलेटप्रूफ गाड़ी में सवार होकर निकले योगी की यात्रा गोरखनाथ मंदिर से शुरू हुई। करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित रामलीला मैदान तक जाने वाली शोभायात्रा के दौरान रास्ते में ढोल-नगाड़ों की गूंज और जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। मंदिर से मुख्यमंत्री के बाहर निकलने पर बटुकों ने शंखनाद कर स्वागत किया। डमरू की ध्वनि से मंदिर परिसर गूंज उठा।

हनुमान दल के युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए

शोभायात्रा के मार्ग में हनुमान दल के युवाओं ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। उन्होंने मुंह से आग के गोले निकालकर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। करतब देखने के लिए सड़क के दोनों ओर भीड़ जुटी रही। इस दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने भी यात्रा का स्वागत किया। इसे गोरखपुर की सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की मिसाल के रूप में देखा गया।

शोभायात्रा के दौरान मुख्यमंत्री मानसरोवर मंदिर में रुकेंगे। यहां देव विग्रहों की पूजा-अर्चना के बाद वह रामलीला मैदान पहुंचेंगे। वहां भगवान श्रीराम का राजतिलक करेंगे, आरती उतारेंगे और उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे।

योगी को तिलक लगाकर भक्तों ने लिया आशीर्वाद

इससे पहले सुबह योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठाधीश्वर के पारंपरिक परिधान में दो घंटे से अधिक समय तक पूजा-अर्चना की। उन्होंने शक्तिपीठ की वेदी पर उगाए गए जौ के जवारे महायोगी गोरखनाथ को अर्पित किए। आरती उतारने के साथ चंवर झलकर श्रद्धासेवा भी की। इसके बाद अखंड ज्योति, देव विग्रहों, नाथपंथ के मनीषियों के विग्रहों, अखंड धूना, यज्ञशाला और भीम सरोवर का विशेष पूजन किया। मंदिर में आयोजित तिलक कार्यक्रम में लोगों ने योगी को तिलक लगाकर आशीर्वाद लिया।

त्रेता युग से जुड़ी है मान्यता

मान्यता है कि लंका पर विजय प्राप्त कर अयोध्या लौटते समय भगवान श्रीराम गोरखपुर में रुके थे, जहां बाबा गोरखनाथ ने उनका राजतिलक किया था। तभी से गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर विजयादशमी पर यह परंपरा निभाते आ रहे हैं। नौ दिन का व्रत रखने के बाद पीठाधीश्वर बाबा गोरखनाथ के दर्शन करते हैं और मानसरोवर में भगवान शिव की पूजा के बाद रामलीला मैदान पहुंचकर श्रीराम का राजतिलक करते हैं। यह परंपरा गोरखपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।