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गोरखपुर की सड़कों पर अखिलेश यादव का तंज, बोले- सीएम साहब की इंजीनियरिंग में ऊंची-नीची सड़कें, करोड़ों रुपये कहां खर्च हुए?

Samajwadi Party: गोरखपुर में जलभराव और बदहाल सड़कों को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने स्मार्ट सिटी के नाम पर खर्च हुए अरबों रुपये का हिसाब मांगा और प्रभावित लोगों को मुआवजा देने की मांग की।
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Yogi and Akhilesh

योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव (File Photo)

Akhilesh Yadav Gorakhpur News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गढ़ गोरखपुर में जलभराव और बदहाल सड़कों को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शहर की तस्वीरें साझा करते हुए सीएम योगी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि स्मार्ट सिटी के नाम पर खर्च किए गए अरबों रुपये आखिर कहां गए। अखिलेश ने कहा कि गोरखपुर की मौजूदा स्थिति विकास के बड़े-बड़े दावों की हकीकत बयां कर रही है।

उन्होंने जलभराव से प्रभावित लोगों और व्यापारियों को बिना भेदभाव मुआवजा देने, जल निकासी के लिए उचित व्यवस्था करने और संक्रमण रोकने के लिए सफाई अभियान चलाने की भी मांग की।

किसानों के लिए उचित मुआवजे की मांग

अखिलेश यादव ने खेतों में जलभराव से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की मांग की। उन्होंने कहा कि जलभराव से प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल, दवाइयों, जरूरी सामान और रैन बसेरे की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि बिना किसी भेदभाव के किसानों को ईमानदारी से मुआवजा दिया जाए। उन्होंने जलभराव के बाद फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए सफाई अभियान चलाने की भी मांग की।

साथ ही उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तब मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर की यह स्थिति आखिर क्यों बनी हुई है।

स्मार्ट सिटी के नाम पर अरबों रुपये खर्च- अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर की जनता अपने विधायक और मुख्यमंत्री से पूछ रही है कि स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर कागजों में दिखाए गए अरबों रुपये आखिर कहां खर्च हुए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शहर की बदहाल सड़कें और जलभराव विकास के दावों की पोल खोल रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जो लोग पहले शासन-प्रशासन और कंपनियों को जिम्मेदार ठहराते थे, अब वे इस स्थिति पर चुप क्यों हैं।

सपा प्रमुख ने कहा कि लगातार जलभराव से लोगों का जनजीवन और कारोबार प्रभावित हुआ है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित परिवारों और व्यापारियों को बिना किसी भेदभाव के उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही जलभराव वाले इलाकों में युद्ध स्तर पर सफाई अभियान चलाकर संक्रमण रोकने के इंतजाम किए जाएं। अखिलेश यादव ने तंज करते हुए कहा कि अगर शहर की यही स्थिति रही तो गोरखपुर को स्मार्ट सिटी नहीं, बल्कि जलनगरी कहना पड़ेगा।