ग्रेटर नोएडा

देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट पर बनेंगे इतने रनवे

जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए नोडल एजेंसी यमुना अथॉरिटी ने तैयारी की शुरू

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ग्रेटर नोएडा. जेवर एयरपोर्ट के निर्माण की कवायद शुरू हो चुकी है। यह देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। यमुना अथॉरिटी को एयरपोर्ट के निर्माण के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है। नोडल एजेंसी जून में बिड डॉक्यूमेंंट्स तैयार करने के बाद में ग्लोबल टेंडर जारी करेगी। एयरपोर्ट के शिलान्यास का टारगेट अक्टूबर माह रखा गया है। फिलहाल 2 रनवे बनेंगे, उसके बाद में 6 रनवे और बनाए जाएंगे। जेवर एयरपोर्ट पर बनने वाले 8 रनवे के बीच में 2 किलोमीटर की दूरी होगी।

जेवर एयरपोर्ट में 8 रनवे बनाए जाने है। एयरपोर्ट के निर्माण की जिम्मेदारी यमुना अथॉरिटी को सौंपी गई है। अथॉरिटी अफसरों की माने तो फर्स्ट फेज में 2 रनवे तैयार किए जांएगे। प्रत्येक रनवे के बीच में 2 किलोमीटर की दूरी होगी। यह 16 किलोमीटर में फैला होगा। एयरपोर्ट पर बोइंग विमानों के कलपुर्जो की कंपनी के साथ-साथ मेंटिनेंस का दूसरा सेंटर भी बनाया जाना है।

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नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जेवर एयरपोर्ट के निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद में यमुना अथॉरिटी की तरफ से ग्लोबल टेंडर तैयार किया जा रहा है। दरअसल में ग्लोबल टेंडर के जरिए जेवर एयरपोर्ट का निर्माण करने वाली कंपनी को चुना जाएगा। ग्लोबल टेंडर के लिए एक्सपर्ट की राय के साथ-साथ मुंबई में बने एयरपोर्ट की भी स्टडी की जा रही है। ताकि एयरपोर्ट के निर्माण के लिए खर्चे का आकलन किया जा सके।

अभी पर्यावरण मंत्रालय से एयरपोर्ट के निर्माण के लिए मंजूरी लेना बाकी है। अफसरों की तरफ से विभाग में मंजूरी के लिए आवेदन कर दिया गया है। टेक्निकल इकनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट पेश करने के बाद में 12 विभाग के अफसरों ने एयरपोर्ट बनाने को उचित माना था। साथ ही एयरपोर्ट के निर्माण को हरी झंडी दी थी। नोडल एजेंसी यमुना अथॉरिटी को जून तक ग्लोबल टेंडर जारी के लिए बिड डॉक्यूमेंट तैयार करने है।

पहले चरण में इन गांवों की होगी जमीन एक्वायर

जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए 28 गांवों की पांच हजार हेक्टेयर जमीन एक्वायर की जाएगी। पहले चरण में 8 गांवों की 1327 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जानी है। इसका प्रस्ताव तैयार कर यमुना अथॉरिटी शासन को सौंप चुकी है। शासन की तरफ से किसानों को जमीन अधिग्रहण के एवज में दिए जाने वाले मुआवजे की राशि जारी की जा चुकी है। शासन ने 330 करोड़ रुपये यमुना अथॉरिटी को जारी कर दिए है। यमुना अथॉरिटी के अफसरों की माने तो पहली उड़ान 2023 में शुरू करने का टारगेट है। देश के सबसे बनने वाले सबसे बड़े एयरपोर्ट पर 8 रनवे होंगे। पहले चरण में 2 रनवे चालू कर विमान उड़ान भरने शुरू करेंगे। यमुना अथॉरिटी के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि योजना के तहत निर्माण की तैयारी की जा रही है।

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Published on:
12 May 2018 12:45 pm
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