
ग्रेटर नोएडा. सरकारी आॅफिस में बिजली का दुरुपयोग जमकर होता है। सरकारी आॅफिस में लापरवाही के चलते बेवजह भी एसी, पंखे और लाइट जलती है। ताजा मामला ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के नए आॅफिस में सामने आया है। बिजली की सप्लाई करने वाली एनपीसीएल ने फरवरी और मार्च का बिल 82 लाख रुपये भेजा है। बताया गया है कि दो माह में अथॉरिटी में 82 लाख रुपये की बिजली की खपत हुई है। बिजली का बिल आाने के बाद में अथॉरिटी अफसर हरकत में आ गए। हरकत में आए अफसरों ने पहले तो अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच में मीटिंग हुई। मीटिंग के दौरान अफसरों ने सभी स्पष्ट किया है कि बेवजह बिजली जली मिलने पर सैलरी काटी जाएगी।
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ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी अफसरों ने बिजली के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक टीम बनाई है। यह टीम बिजली की खपत पर नजर रखेगी। साथ ही आॅफिस में जाकर बेवजह एसी, पंखा और लाइट की चेकिंग करेंगे। अगर कोई अधिकारी आॅफिस में मौजूद नहीं है और लाइट व एसी चलता हुआ मिलता है तो यह टीम वीडियो बनाकर सीईओ व एसीईओ को देगी। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी का नॉलेज पार्क-4 में नया आॅफिस शिफ्ट हुआ है। पहले अथॉरिटी का आॅफिस गामा में था।
आॅफिस की बिल्डिंग को पूरी तरह फाइव स्टार होटल की तर्ज पर डवलेप किया गया है। अथॉरिटी के अधिकारी, कर्मचारी और अन्य आने वाले लोगों के लिए 10 लिफ्ट भी लगाई गई है। वहीं चकाचौंध दिखाने के लिए जगह—जगह फैंसी लाइट भी लगाई गई है। गर्मी के मौसम में बिल्डिंग में ठंडक रखने के लिए एसी लगाए गए है। 82 लाख रुपये का बिल आने के बाद में अथॉरिटी अफसरों सख्ते में आ गए। बिल का पेमेंट करने के लिए फाइल एसीईओ व सीईओ के पास पहुंची तो अफसरों ने बेवजह बिजली की बर्बादी रोकने के निर्देश जारी कर दिए। साथ ही मीटिंग कर सभी अधिकारी और कर्मचारियों को बिजली की खपत रोकने और सैलरी काटने की हिदायत दी गई है। ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ के.के गुप्ता ने बताया कि सभी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बिजली की बचत करने के निर्देश दिए है। कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर सैलरी भी काटी जाएगी।