
Doctor Suicide: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां गौर सिटी-2 सोसाइटी के 14 एवेन्यू की 21वीं मंजिल से कूदकर एक 29 वर्षीय डॉक्टर ने अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक की पहचान मथुरा निवासी डॉक्टर शिवा शर्मा के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह मानसिक बीमारी से जूझ रहे थे और बेंगलुरु से उनका इलाज चल रहा था। पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर शिवा शर्मा उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित गोविंद नगर की महाविद्या कॉलोनी के रहने वाले थे और हाल ही में मुंबई से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी। अगले महीने उन्हें इंटर्नशिप के लिए नासिक जाना था।
सोमवार को वह अपनी मां के साथ गौर सिटी-2 सोसाइटी में रहने वाली बहन से मिलने आए थे। दोपहर में अचानक वह 21वीं मंजिल से कूद गए। सोसाइटी के लोगों ने आनन-फानन में उन्हें पास के अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने शिवा को मृत घोषित कर दिया। घटना के समय उनकी मां और बहन फ्लैट के अंदर मौजूद थीं। जैसे ही उन्हें हादसे की जानकारी हुई, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
बिसरख कोतवाली पुलिस का कहना है कि घटना स्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। हालांकि परिजनों से पूछताछ में पता चला कि डॉक्टर शिवा मानसिक बीमारी से पीड़ित थे और लंबे समय से इलाज करा रहे थे। पुलिस का मानना है कि बीमारी के कारण उन्होंने यह कदम उठाया होगा, हालांकि आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। एडीसीपी सेंट्रल नोएडा शैव्या गोयल ने बताया कि जांच जारी है और हर पहलू पर बारीकी से पड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा “फिलहाल परिवार से बातचीत में मानसिक बीमारी की बात सामने आई है। असली कारण का पता जांच के बाद ही चलेगा।”
मां और बहन के सामने हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है। दोनों बेसुध होकर रो रही थीं। सूचना मिलते ही अन्य रिश्तेदार भी मौके पर पहुंचे और शोकाकुल माहौल बन गया। ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास की हाईराइज सोसाइटियों में पिछले कुछ महीनों से आत्महत्या की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मानसिक तनाव और बीमारियों से जूझते लोग ऊंची इमारतों से कूदकर जान देने का रास्ता चुन रहे हैं। इन घटनाओं ने हाईराइज सोसाइटियों में सुरक्षा उपायों और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता और समय पर काउंसलिंग ही इस तरह की घटनाओं को रोक सकती है।
यह पहली बार नहीं है, जब एक डॉक्टर ने हाईराइज सोसायटी की 21वीं मंजिल से नीचे कूदकर अपनी जान दे दी। इससे पहले भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 13 सितंबर 2025 को नोएडा की ऐस सिटी सोसाइटी की 13वीं मंजिल से मां-बेटे ने कूदकर जान दे दी थी। इसके अलावा 18 फरवरी 2025 को भी जेएम फ्लोरेंस सोसाइटी की 23वीं मंजिल से छात्रा ने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। 20 मई 2025 को गौर सिटी-2 सोसाइटी की 21वीं मंजिल से युवक-युवती की गिरकर मौत हुई, जिसे आत्महत्या का मामला माना गया। जबकि 7 जुलाई 2025 को स्प्रिंग मिडोज सोसाइटी की एक बुजुर्ग महिला ने बालकनी से कूदकर जान दी। ग्रेनो वेस्ट की यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि शहरी जीवन की चमक-दमक के पीछे मानसिक तनाव और अवसाद की गहरी समस्या छिपी है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।