
ग्रेटर नोएडा। यूपी के ग्रेटर नोएडा में आने वाले भट्टा पारसौल समेत 6 गांव के किसानों को प्रदेश सरकार जल्द ही बड़ी खुशखबरी दे सकती है। यह खुशखबरी उन किसानों के लिए है। जो पिछले कई सालों से भट्टा पारसौल कांड के बाद से तमाम मुकदमे झेल रहे है। मीडिया रिपोट्र्स की तो माने तो अब इन किसानों के ऊपर से योगी सरकार जल्द ही मुकदमे वापस ले सकती है। इसके लिए गौतमबुद्ध नगर पुलिस से किसानों पक्ष की रिपोर्ट भी दी जा चुकी है।
9 साल पूर्व बसपा सरकार में हुआ था भट्टा पारसौल कांड
बता दे कि आज से 9 साल पूर्व 7 मई 2011 को बसपा सरकार के दौरान किसानों और प्रशासन के बीच भट्टा गांव में टकराव हो गया था। इस टकराव ने बड़े संघर्ष का रूप ले लिया था। जिसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी दीपक अग्रवाल को गोली लगी थी। इतना ही नहीं इस संघर्ष में भट्टा गांव के राजपाल, राजवीर और दो सिपाहियों की मौत हो गई थी। महीनों के हिसाब से चले इस आंदोलन में सौ से ज्यादा किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसके बाद यह भट्टा पारसौल का नाम मीडिया की सुर्खियों में रहा।
6 गांव के 81 किसानों पर 9 मुकदमों में चल रही सुनवाई
मीडिया रिपोट्र्स के अनुसार भट्टा पारसौल कांड में गौतमबुद्ध नगर जिला अदालतों में 6 गांव के 81 किसानों पर 9 मुकदमों में सुनवाई चल रही है। इन मुकदमों में किसानों की गिरफ्तारी से लेकर कुर्की तक के वारंट जारी हो चुके हैं। वही किसान संगठन व जनप्रतिनिधियों द्वारा पिछले नौ सालों से मुकदमे वापस लेने की मांग की जाती रही है, लेकिन उनकी यह मांग पूरी नहीं हो सकती है, लेकिन अब योगी सरकार ने इस ओर कदम उठा लिया है। इसी कड़ी में सरकार ने जिले के पुलिस अधिकारियों से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। बताया जा रहा है कि यह रिपोर्ट किसानों के पक्ष में दी गई।इसी के बाद बसपा सरकार में किसानों पर दर्ज मुकदमों को लंबे समय के बाद अब योगी सरकार वापस ले सकती है।
इन 6 गांव के 300 किसानों पर दर्ज किये गये थे करीब दो दर्जन मुकदमे
वही बता दें कि आज से नौ साल पूर्व जनवरी 2011 में 6 गांव भट्टा, पारसौल, आछेपुर, मुतैना , सक्का और मिर्जापुर के किसानों ने धरना किया था। इस दौरान प्रशासन और किसान आमने सामने आ गये थे। भारी संघर्ष के बाद यहां आंदोलन करने वाले 300 किसानों पर दो दर्जन मुकदमे दर्ज किये गये थे।जिन्हें वापस लेने के लिए भाजपा विधायक धीरेंद्र ठाकुर ने किसानों संग सीएम से मुकदमे वापस लेने की गुहार लगाई थी।