Greater Noida: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास भूमाफियाओं के खिलाफ यीडा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कॉलोनियों और निर्माणों पर बुलडोजर चलाया। इस अभियान में करीब 70 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 350 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
Greater Noida:नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास जमीन हड़पने वाले भूमाफियाओं पर यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने मंगलवार को अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जेवर एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से बसाई जा रही कॉलोनियों और निर्माणों पर प्राधिकरण का बुलडोजर गरजा। इस विशेष अभियान के दौरान करीब 70 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 350 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
जेवर एयरपोर्ट परियोजना के कारण इस पूरे बेल्ट में जमीन की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसी का फायदा उठाकर भूमाफिया सक्रिय हो गए हैं और भोले-भाले निवेशकों को अवैध प्लॉटिंग का लालच देकर फंसा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दयानतपुर गांव और उसके आसपास के इलाकों में बाहरी लोगों ने अवैध रूप से जमीनें खरीदकर बाउंड्री वॉल खड़ी कर ली थी। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं थी। एयरपोर्ट को जोड़ने वाली 60 मीटर चौड़ी कनेक्टिविटी रोड और आसपास के महत्वपूर्ण सेक्टरों में भी अवैध निर्माणों को जेसीबी मशीनों की मदद से जमींदोज कर दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य में होने वाले यातायात विस्तार और बुनियादी ढांचा विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करना है।
यह पूरा ध्वस्तीकरण अभियान यमुना प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी में चलाया गया। अभियान के दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि किसी भी विरोध की स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति के किया गया कोई भी निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही यीडा प्रशासन ने यह भी कहा कि एयरपोर्ट के आसपास की जमीन बेहद संवेदनशील और कीमती है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अवैध कॉलोनी में निवेश न करें। भूमाफियाओं के खिलाफ यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
यमुना प्राधिकरण पहले भी कई बार इस तरह की कार्रवाई कर करोड़ों की जमीन मुक्त करा चुका है। इस ताजा कार्रवाई से न केवल सरकारी जमीन सुरक्षित हुई है, बल्कि अवैध प्लॉटिंग करने वालों को भी कड़ा संदेश गया है। जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे एयरपोर्ट का काम अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहा है, प्रशासन की सख्ती और बढ़ेगी।
यमुना प्राधिकरण द्वारा की गई इस कड़ी कार्रवाई के दूरगामी और बहुआयामी लाभ देखने को मिलेंगे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सैकड़ों करोड़ की बेशकीमती सरकारी जमीन भूमाफियाओं के अवैध कब्जे से पूरी तरह मुक्त हो गई है, जिससे अब इस भूमि का उपयोग सार्वजनिक विकास के लिए किया जा सकेगा। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास प्रस्तावित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, विशेषकर 60 मीटर चौड़ी कनेक्टिविटी सड़कों के निर्माण में आने वाली बाधाएं दूर होंगी, जिससे भविष्य में यातायात सुगम होगा और विकास कार्यों को नई गति मिलेगी। इसके अतिरिक्त, यह कार्रवाई उन आम निवेशकों के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करेगी जो अक्सर भूमाफियाओं के लुभावने विज्ञापनों और अवैध प्लॉटिंग के जाल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा देते हैं। प्रशासन की इस सख्ती से अब लोग अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से पहले सतर्क रहेंगे।