ग्रेटर नोएडा

Greater Noida News: ‘पैरामाउंट गोल्ड फॉरेस्ट’ सोसाइटी के बाहर बाहर लोगों का प्रदर्शन, किसान यूनियन का मिला समर्थन

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पैरामाउंट गोल्ड फॉरेस्ट सोसायटी के बाहर बड़ी संख्या में किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। इससे पहले 23 अगस्त को किसानों ने सोसायटी के लोगों के समर्थन में गेट के बाहर 12 सूत्री मांगों के साथ धरना- प्रदर्शन किया था।

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Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के 'पैरामाउंट गोल्ड फॉरेस्ट' सोसाइटी के बाहर 23 अगस्त से ही सोसाइटी के लोगों और किसानों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने गुरुवार को महापंचायत करके आंदोलन की लड़ाई को आरपार करने की बात कही है। किसान संगठन ने इस मामले में अधिकारियों पर भी बिल्डर के साथ मिलकर सांठ-गांठ करने का आरोप लगाया है।

ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर क्षेत्र की 'पैरामाउंट गोल्ड फॉरेस्ट' सोसाइटी के गेट पर भारतीय किसान यूनियन (बलराज) और सोसाइटी के निवासी लगातार अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन करते आ रहे हैं। निवासी सोसाइटी की सुरक्षा, मूलभूत सुविधाओं और रजिस्ट्री की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। सोसाइटी के लोगों का समर्थन भारतीय किसान यूनियन (बलराज) ने किया है और उनके साथ अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।

सोसाइटी में लोगों को नहीं मिल रही हैं मूलभूत सुविधाएं

भारतीय किसान यूनियन (बलराज) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने कहा कि बिल्डर द्वारा सोसाइटी के लोगों को सताया जा रहा है। सोसाइटी की सिक्योरिटी बदहाल है। आए दिन लोगों पर हमले होते हैं। करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी लोगों की रजिस्ट्री नहीं हुई है। ज्यादा चार्ज देने के बाद भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। अगर बिल्डर सोसाइटी के लोगों की मांगों को पूरा नहीं करता है, तो किसान यूनियन उनके खिलाफ और बड़ा आंदोलन करेंगे।

उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में 25 सितंबर को महापंचायत बुलाई गई है। जब तक सोसाइटी के लोगों की मांगों को नहीं माना जाएगा, तब तक हमारा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन बिल्डर के खिलाफ चलता रहेगा।

अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं लोग

सोसाइटी निवासी संगठन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रामकुमार नागर ने बताया कि जिन मुद्दों को लेकर निवासी धरने पर बैठे हैं, उन मुद्दों का आरएम अनिल कुमार ने जिक्र तक नहीं किया। धरना- प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक बिल्डर के अवैध निर्माणों को ध्वस्त नहीं किया जाएगा और समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

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