
ग्रेटर नोएडा : 28 साल की निक्की भाटी सिर्फ एक नाम नहीं थीं। वह एक युवा मां थीं, जिनके सपने, हंसी और उम्मीदें एक दिन अचानक जलकर राख हो गईं। अगस्त 2025 में ग्रेटर नोएडा के घर में हुई उस भयानक घटना ने न सिर्फ निक्की को, बल्कि पूरे परिवार को जख्मी कर दिया।
निक्की भाटी का परिवार 9 महीने से इंसाफ के लिए गुहार लगा रहा था। लेकिन, अब कहानी में मोड़ आ गया है। दोनों परिवारों ने आपसे में समझौता कर लिया है।
निक्की की मौत के बाद उनके परिवार ने जो आक्रोश और दर्द महसूस किया, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। बहन कंचन ने सबसे पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि कैसे उसकी बहन को आग के हवाले कर दिया गया। घटना के कुछ वीडियो सामने आए, जिन्हें देखकर देशभर में गुस्सा भड़क उठा। लोग सड़कों पर उतरे, सोशल मीडिया पर #JusticeForNikki ट्रेंड किया। हर कोई इंसाफ चाहता था।
निक्की के पिता भिखारी सिंह ने हाल ही में स्वीकार किया कि उन्होंने ससुराल पक्ष के साथ समझौता कर लिया है। आरोपी परिवार ने निक्की के छोटे से बेटे के नाम संपत्ति ट्रांसफर करने पर हामी भरी है। निक्की के पिता कहते हैं- 'बच्चे का भविष्य तो बचना चाहिए।'
यह फैसला आसान नहीं था। एक तरफ बेटी की मौत का दर्द, दूसरी तरफ पोते की अनाथी। कई परिवारों की तरह भिखारी सिंह के परिवार को भी लगता है कि लंबा मुकदमा लड़ने से बच्चे का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। इसलिए उन्होंने इंसाफ की लड़ाई को एक हद तक छोड़कर, बच्चे की सुरक्षा चुन ली।
सबसे ज्यादा तकलीफदेह मोड़ कंचन का है। निक्की की बहन कंचन, जो इस मामले की मुख्य गवाह थीं, अब अदालत में अपने बयान से पलट गई हैं। पहले उन्होंने आरोप लगाया था, अब कह रही हैं कि घटना के समय घर में कोई नहीं था।
सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि निक्की के माता-पिता ने आरोपी ससुराल पक्ष के साथ पंचायत के जरिए समझौता कर लिया है। निक्की के पिता भिखारी सिंह ने पुष्टि की कि आरोपी पक्ष ने निक्की के बेटे के नाम संपत्ति ट्रांसफर करने पर सहमति जताई है। समझौते में आर्थिक मदद और अन्य शर्तें भी शामिल हैं। परिवार अब मामले को वापस लेने की तैयारी में है।
कंचन, जो शुरुआत में मामले की सबसे अहम गवाह थीं, उन्होंने हाल ही में नोएडा की अदालत में अपना बयान बदल दिया। पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि विपिन और दया ने निक्की पर आग लगाई, जबकि अन्य सदस्य मौजूद थे और उन्होंने बीच-बचाव करने पर कंचन के साथ भी मारपीट की। अब अदालत में कंचन ने कहा कि घटना के समय घर में कोई नहीं था। विपिन, ससुर, सास और ननद बाहर थे। अगली सुनवाई 10 जून को होनी है।
समझौते का एक हिस्सा यह भी है कि कंचन अब दादरी में अपने पति रोहित के साथ नए घर में रहने जाएंगी। भिखारी सिंह के अनुसार, कंचन की शादीशुदा जिंदगी में ससुराल पक्ष की कोई दखलअंदाजी नहीं होगी।
पुलिस चार्जशीट और जांच में कई ट्विस्ट आए। CCTV फुटेज और मोबाइल लोकेशन से पता चला कि सतवीर और दया घटना के समय घर पर नहीं थे। रोहित की लोकेशन सिरसा टोल प्लाजा के पास मिली। कुछ रिपोर्ट्स में अंतिम संस्कार का वीडियो भी सामने आया, जिसमें ससुराल वाले अंतिम संस्कार में शामिल दिखे, जो कि शुरुआती खबरों में सामने आया था कि निक्की के ससुराल वाले भाग गए। लेकिन, वह अंतिम संस्कार में शामिल दिखे।
सरकारी वकील ने माना कि मुख्य गवाह के बयान पलटने से अभियोजन पक्ष कमजोर हुआ है, हालांकि राज्य हत्या के गैर-समझौता योग्य अपराध में केस लड़ता रहेगा। बचाव पक्ष जल्द हाईकोर्ट में विपिन की जमानत याचिका दाखिल करने वाला है। अब तक रोहित (जनवरी), सतवीर और दया को जमानत मिल चुकी है। विपिन अभी जेल में हैं।
पुलिस चार्जशीट के अनुसार, 'निक्की और उनके पति विपिन भाटी के बीच झगड़ा हुआ। झगड़े के कारण निक्की अपनी पुरानी ब्यूटी पार्लर फिर से खोलना चाहती थीं और इंस्टाग्राम/यूट्यूब पर रील्स बनाती थीं। पति और ससुराल वाले इसे परिवार की इज्जत के खिलाफ मानते थे। दहेज की मांग (36 लाख रुपये) को लेकर भी लंबे समय से तनाव था।
पति विपिन भाटी ने निक्की को पकड़ लिया। उनके ऊपर ज्वलनशील पदार्थ (थिनर) डाला गया (जो निक्की की पार्लर का था)। फिर लाइटर या माचिस से आग लगा दी गई। पुलिस के अनुसार, यह साजिश थी जिसमें सास दया भाटी, ससुर सतवीर भाटी और जेठ रोहित भाटी भी शामिल थे।
निक्की की बहन कंचन (जो रोहित भाटी की पत्नी भी हैं) घर पर मौजूद थीं। कंचन ने बताया कि निक्की को पकड़कर जलाया गया। उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उनके साथ भी मारपीट हुई। कंचन ने घटना का वीडियो बनाया, जिसमें निक्की आग की लपटों में घिरकर सीढ़ियों से नीचे उतरती दिख रही हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो गया था।
निक्की के छोटे बेटे ने सबकुछ देखा और उसने पुलिस को बताया भी था कि कैसे पापा ने मम्मी को आग लगा दी थी। परिवार ने निक्की को पहले फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे सफदरजंग अस्पताल (दिल्ली) रेफर कर दिया गया था। 80% जलने के कारण निक्की की मौत हो गई थी।