ग्रेटर नोएडा

International Trade Show: ‘हकीक’ के स्टॉल पर टिकी सबकी निगाहें, बेशकीमती पत्‍थर का बांदा से क्या कनेक्‍शन?

इंटरनेशनल ट्रेड शो: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में बांदा की खूब चर्चा हो रही है। जहां एक तरफ अलीगढ़ के ताले ट्रेड शो में चार चांद लगा रहे हैं तो वहीं बांदा के पत्थरों ने भी खूब चमक बिखेरी है।

2 min read
स्फटिक के स्टॉल पर टिकी सबकी निगाहें

International Trade Show: इंटरनेशनल ट्रेड शो में लोगों की निगाहें एक ऐसे स्टॉल पर जा टिकीं जहां ढेरों कीमती पत्थर दिखाई दे रहे थे। आइए आपको बताते हैं क्या है इनका बांदा जिले से कनेक्शन।

बांदा से क्या है इन पत्थरों का कनेक्‍शन?

इस इंटरनेशनल ट्रेड शो में ओडीओपी के तहत एक तरफ जहां अलीगढ़ के तालों का स्टॉल लगा दिखाई दिया, तो दूसरी ओर बांदा के शजर पत्थर भी देखने को मिले। इन पत्थरों की सबसे खास बात यह है कि हर एक पत्थर में एक अलग-अलग चित्रकारी देखने को मिलती है और यह कुदरती होती है। आपको बता दें कि दुनियाभर में यह पत्थर सिर्फ भारत की दो नदियों केन नदी और नर्मदा में ही पाए जाते हैं। अरब देशों में इस पत्थर को हकीक और भारत में स्फटिक कहा जाता है।

यूपी के पास सर्वाधिक 75 जीआई टैग

उन्होंने कहा कि ओडीओपी योजना की सफलता के साथ ही यूपी के पास सर्वाधिक 75 जीआई टैग हैं। प्रोत्साहन के अभाव में जो उत्पाद दम तोड़ रहे थे, आज उसे आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। यूपी के अलग-अलग सेक्टर में भी अनेक कार्य हुए हैं। यूपी का जो प्रोडक्शन है, उन्हें भी शोकेस का अवसर यूपीआईटीएस उपलब्ध करा रहा है।

लोगों को भा रहे अलीगढ़ के ताले

अलीगढ़ के ताले के स्टॉल पर फैशनेबल और स्ट्रांग तालों की झलक देखने को मिली। जो नए डिजिटल तालों को मात देते हुए दिखाई दे रहे हैं। जीआई सर्टिफाइड इन तालों में अंग्रेजों के जमाने के ताले देखने को मिले। इसको देखकर हर कोई यही कह रहा था कि हाईटेक जमाने में ओल्ड इज गोल्ड पर विश्वास अटूट बना हुआ है।

इस इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगाए गए सभी स्टॉल पर मौजूद व्यापारियों को काफी ज्यादा उम्मीदें हैं। व्यापारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में उनके व्यापार को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा मिलेगा और देश-विदेश में भी उत्तर प्रदेश के हर एक जिले के ओडीओपी प्रोडक्ट को सराहा जाएगा।

उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में ग्रेटर नोएडा पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में ऑनलाइन पंजीकरण के बाद यदि कोई एमएसएमई यूनिट आपदा का शिकार होती है, तो राज्य शासन की तरफ से उसे पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। प्रदेश में फ्लैटेड फैक्ट्री और निजी क्षेत्र में प्राइवेट इंडस्ट्रियल पार्क का निर्माण तेजी के साथ बढ़ा है।

Updated on:
25 Sept 2024 07:52 pm
Published on:
25 Sept 2024 07:48 pm
Also Read
View All

अगली खबर