Iran-Israel War: खाड़ी देशों में बढ़ते हमलों की गूंज भारत तक पहुंच गई है। ग्रेटर नोएडा के रबुपुरा निवासी इसरार खान उस वक्त दहशत में आ गए, जब परिवार से फोन पर बात करते हुए उन्होंने कतर की राजधानी दोहा में मिसाइल गिरने की आवाज सुनी।
Iran-Israel War: खाड़ी देशों में बढ़ते हमलों का असर अब भारत तक महसूस किया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा के रबुपुरा क्षेत्र के मोहल्ला विलोचन निवासी इसरार खान उस वक्त दहशत में आ गए, जब कतर की राजधानी दोहा में मिसाइल गिरने की आवाज उन्होंने अपने कानों से सुनी। उस समय वह अपने परिवार से फोन पर बात कर रहे थे। तेज धमाके के साथ सायरन गूंजे और फोन पर बातचीत अचानक खामोशी में बदल गई, जिससे घर में मौजूद परिजन घबरा उठे।
इसी तरह रबुपुरा के मोहल्ला विलोचन निवासी इरफान खान ने बताया कि रविवार को फोन पर बात करते हुए उनके बेटे ने घबराई आवाज में कहा - पापा, मिसाइल गिरी है। इसके बाद मोबाइल पर सिर्फ सायरन की गूंज सुनाई देती रही। कुछ देर तक संपर्क नहीं हो पाया, जिससे परिवार की सांसें अटक गईं। राहत की बात यह रही कि कुछ समय बाद पता चला कि बेटा सुरक्षित है। वह दोहा में इलेक्ट्रिशियन का काम करता है।
खाड़ी देशों में रह रहे अन्य भारतीयों के परिवार भी भय के साये में हैं। रबुपुरा के मोहल्ला सद्भावना नगर निवासी हसीना ने बताया कि उनका बेटा सऊदी अरब की राजधानी रियाद में ड्राइवर है और पिछले 20 साल से वहीं रह रहा है। फोन पर बातचीत में उसने बताया कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों के आसपास रुक-रुक कर मिसाइलें गिरने से धुआं उठता दिखता है और रात भर सायरन बजते रहते हैं, जिससे नींद उड़ गई है।
वहीं, मोहल्ला शहीद नगर निवासी अंसार खान ने बताया कि वह पारिवारिक कारणों से तीन फरवरी को कुवैत से भारत लौटे थे और जल्द वापस जाने की तैयारी थी, लेकिन मौजूदा हालात देखकर दोबारा लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। खाड़ी देशों में जारी तनाव ने वहां काम कर रहे भारतीयों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।