
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Photo-X)
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर ब्रिटिश मीडिया ने बड़ा खुलासा किया है। ब्रिटिश मीडिया ने इजरायली अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान की सड़कों पर लगे ट्रैफिक कैमरों को कई साल से हैक किया हुआ था। इजरायल के पास सालों से खामेनेई और ईरानी की टॉप लीडरशिप की एक-एक डिटेल थी। इसी कारण 1 मार्च को अमेरिका और इजरायली कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर मारे गए।
इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशों में युद्ध में उलझने के अपने पहले के रुख से अलग संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वह ईरान में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं करते। उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि जैसा कि हर राष्ट्रपति कहता है, ‘जमीन पर कोई सैनिक नहीं होगा।’ मैं ऐसा नहीं कहता।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि अगर उनकी जरूरत हो तो सैनिकों को ग्राउंड पर भेजा जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसकी जरूरत नहीं होगी।
ताजा हालात को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणी से पहले सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी है कि सोमवार तक अमेरिकी सेना के चार सदस्य मारे गए हैं। शनिवार सुबह ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू होने की घोषणा करते समय उन्होंने अमेरिकी सैनिकों को नुकसान होने की संभावना का अंदाजा लगाया था। वीडियो घोषणा में उन्होंने कहा, “ईरानी शासन मारना चाहता है। साहसी अमेरिकी नायकों की जान जा सकती है, और हमारे सैनिक हताहत हो सकते हैं; युद्ध में अक्सर ऐसा होता है।”
ट्रंप ने सोमवार को पब्लिश हुए इंटरव्यू में न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी तय समय से बहुत आगे चल रहा है और बहुत तेजी से खत्म होने वाला है। उन्होंने कहा कि ईरान के नेतृत्व को खत्म करने में चार हफ्ते लगने की उम्मीद थी, लेकिन 49 नेता एक दिन में मारे गए। मारे गए लोगों में ईरान के सुप्रीम शासक अयातुल्लाह अली खामेनेई भी शामिल थे।
Updated on:
03 Mar 2026 11:14 am
Published on:
03 Mar 2026 10:41 am
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
