प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि किसानों को रोजगार व मुआवजे सहित 5 लाख 85 हजार रूपये की सहायता राशि भी दी जा रही है।
ग्रेटर नोएडा। जेवर में एयरपोर्ट बनने के राह में आने वाली सारी बधाओं को पार कर लिया गया है। सोशल इम्पैक्ट असेसमेन्ट का अध्ययन किया जा रहा है। पूरा हो जाने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरु की जाएगी। लेकिन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले किसानों की सहमति ली जा रही है। इसके अंतर्गत 400 के करीब किसान अपनी जमीन देने के लिए राजी हो गए हैं। इनके साथ ही अन्य किसानों को राजी करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जो किसान एयरपोर्ट के लिए जमीन देंगे उन्हें जमीन के बदले 5 लाख 85 हजार रूपये की सहायता राशि सहित नौकरी व 2300 रूपये मीटर के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा ताकि जल्द से जल्द जेवर एयरपोर्ट का काम शुरु हो सके।
यमुना प्राधिकरण के अधिकारी इन दिनों किसानों से बातचीत कर उन्हें अपनी जमीन जेवर एयरपोर्ट के लिए देने को राजी करने में जुटे हैं और उनको सफलता भी मिल रही है। किसानों के साथ अधिकारियों ने बैठक द्वारा यह निर्णय लिया है कि जिन किसानों के बने हुए मकान हैं। उन्हें उनके मकान के बदले 50% बनाकर देंगे। साथ ही किसानों को उनकी जमीन के अधिग्रहण के बदले 2300 रूपये मीटर के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही किसानों के लिए विकसित करके जिस सेक्टर को बसाया जाएगा उस सेक्टर में स्कूल, अस्पताल, पार्क व कम्युनिटी सेन्टर सहित अन्य सुविधाएं भी होंगी।
प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि किसानों को रोजगार व मुआवजे सहित 5 लाख 85 हजार रूपये की सहायता राशि भी दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल 6 गावों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। जिसके बदले में एयरपोर्ट के पास ही उन्हें बसाया जाएगा ताकि किसानों को उनके गांव के पास ही उनका घर मिल सके।