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देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वालों को टाउनशिप में मिलेगा ‘शानदार’ घर

Jewar International Airport के लिए जमीन देने वाले किसानों को टाउनशिप (Township) में घर देने का प्रस्ताव दिया गया है।
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नोएडा

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Rahul Chauhan

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Updated: 23 Aug 2018, 1:58 PM IST

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देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वालों को टाउनशिप में मिलेगा ‘शानदार’ घर

नोएडा। देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट ग्रेटर नोएडा के जेवर क्षेत्र में प्रस्तावित है। वहीं jewar international airport के लिए जमीन देने वाले किसानों को टाउनशिप (Township) में घर देने का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि जमीन अधिग्रहण के एवज में दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर फिलहाल किसान और सरकार के बीच सहमति नहीं बन पा रही। जिसके बाद शासन द्वारा संकेत दिए गए हैं कि यदि यहां के किसान जमीन नहीं देंगे तो एयरपोर्ट किसी और राज्य में शिफ्ट हो सकता है। जिसे लेकर प्रशासन द्वारा किसानों को समझाया भी जा रहा है। वहीं

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जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के लिए अधिग्रहण के कारण क्षेत्र से विस्थापित होने वाले 2200 परिवारों को नौकरी और घर दिलाने की दिशा में उद्योगपतियों, बिल्डर संगठन क्रेडाई व आईएनए के साथ प्रशासन द्वारा बैठक की गई। जिसमें निर्णय लिया गया है कि इन सभी परिवारों को उद्योगों में नौकरी दिलवाने के लिए जिले की ये संस्थाएं स्किल डिवलपमेंट प्रोग्राम चलांएगी। साथ ही लोगों को टाउनशिप में घर भी दिया जाएगा।

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इस संबंध में जिलाधिकारी बी.एन सिंह ने अलग-अलग संगठनों से बात की। क्रेडाई की वेस्टर्न यूनिट के अध्यक्ष दीपक कपूर ने बताया कि जेवर एयरपोर्ट के लिए जो जमीन ली जाएगी उसके कारण विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए स्किल डिवेलपमेंट प्रोग्राम चलाया जाएगा। हमने प्रशासन को प्रस्ताव दिया है कि इन सभी परिवारों के लिए नो-प्रॉफिट, नो लॉस के तहत क्रेडाई एक टाउनशिप भी बनाएगी। इसके लिए डीएम ने क्रेडाई से सहयोग मांगा था।

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वहीं इंडियन इंडस्ट्रीज असोसिएशन (ग्रेनो) के अध्यक्ष एस. पी. शर्मा ने बताया कि जो भी प्रभावित गांव हैं उनके युवाओं को गुरुवार से स्किल डिवेलपमेंट की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय उद्यमी भी लोगों को अपनी कहानी सुनाकर उन्हें जागरूक करेंगे। जिससे कि वह मिलने वाले मुआवजे को उद्योग में लगा सकें। आईआईए ने क्षेत्र के 100 युवाओं को रोजगार का आश्वासन दिया है। इसके अलावा लोगों को इलाज के दौरान अस्पतालों में 30 फीसदी छूट देने का भी आईएमए ने प्रस्ताव दिया है।