असम राइफल में वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात सैनिक ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रेटर नोएडा. देश की सीमा की रक्षा के लिए सैनिक रात-दिन एक कर देते हैं, ताकि देशवासी चैन की नींद सो सकें, लेकिन जब उन सैनिकों के घर-परिवार ही सुरक्षित नहीं तो देश कैसे सुरक्षित रह पाएगा। यह एक सवाल सैनिक ने जिले के पुलिस मुखिया से किया है। बादलपुर निवासी विजेन्द्र सिंह का कहना है कि कुछ दबंग और पुलिस उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। प्रताड़ना से आहत होकर वह न्याय की गुहार लेकर सूरजपुर हैडक्वार्टर पुलिस के मुखिया से मिलने पहुंचे। जहां उनकी शिकायत की गंभीरता लेते हुए एसपी देहात ने मामले की जांच सीओ को सौंप दी है और उचित कार्रवाई का अश्वासन दिया है।
बता दें कि परिवार के साथ न्याय की गुहार लेकर सूरजपुर हैडक्वार्टर पुलिस के मुखिया से मिलने पहुंचे विजेन्द्र सिंह असम राइफल में वारंट ऑफिसर के पद पर नागालैंड के दिमापुर में तैनात हैं। मैंने करीब 10 साल पहले बदलपुर में अपना घर बनाया था, लेकिन पड़ौस में रहने वाले कुछ लोग मुझे यहां रहने नहीं दे रहे हैं। जब उसने घर का रास्ता बनाया तो उसे भी बनने नहीं दिया। मैं छुट्टी पर अपने घर आया था। घर में मेरे साथ मेरी बेटियां थीं। उनका कहना है कि हाल ही में मेरे घर पर कुछ दबंग लोगों ने हमला बोल दिया था। इसी दौरान आरोपियों ने मेरे ऊपर पत्थरों से हमला करते हुए घर के शीशे तोड़ दिए। मैं जैसे-तैसे जान बचाकर वहां से निकला और डायल 100 पर कॉल किया। इसके बाद डायल 100 वाले मुझे ही उठाकर बादलपुर थाने ले गए। इस दौरान थाने में रामचंद्र सिंह दरोगा ने मुझे काफी प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं 2 दिन तक लॉकअप में ही रखा। दूसरे दिन मुझसे कोरे कागज पर हस्ताक्षर करवा लिए और कहा कि हमने मकान इन्हीं लोगों को बेच दिया है। तुझे 2 लाख दिए थे, जबकि मुझे कोई पैसा नहीं मिला था। इस पर मैंने उनसे कहा कि मैं अपना मकान नहीं बेचना चाहता हूं, लेकिन उन्होंने मेरी एक न सुनी। इसके बाद मैं सूरजपुर शिकायत लेकर पहुंचा हूं।
इस मामले में एसपी ग्रेटर नोएडा का कहना है की थाना बादलपुर क्षेत्र में रहने वाले विजेंद्र का उनके पड़ोसी के साथ नाली को लेकर विवाद हुआ है। उन्होंने पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। फिलहाल उनकी शिकायत की जांच सीओ -3 ग्रेटर नोएडा को सौंपी गई है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।