
Punjab National Bank Fraud: ग्रेटर नोएडा में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सेक्टर पाई ब्रांच में कथित 10.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में ग्राहकों का विरोध प्रदर्शन जारी है। 3 नवंबर को प्रदर्शन का 10वां दिन है। पीड़ितों का आरोप है कि उनकी मेहनत की कमाई बिना अनुमति खातों से निकाली गई और अब तक उन्हें पैसे वापस मिलने को लेकर कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। दिवाली नजदीक है, लेकिन प्रभावित परिवारों का कहना है कि जब उनकी जिंदगी भर की बचत फंसी है, तो वे त्योहार कैसे मनाएं। ग्राहकों ने साफ किया है कि पैसा वापस मिलने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रेटर नोएडा की PNB सेक्टर Pi-1 ब्रांच के बाहर प्रदर्शन कर रहे ग्राहकों का कहना है कि कथित धोखाधड़ी ने उनकी आर्थिक स्थिति बिगाड़ दी है। कई लोगों के मुताबिक, उनके खातों में संदिग्ध लेनदेन सामने आए, जिसके बाद उन्हें पैसों की परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी अपने साथ बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड और दूसरे जरूरी दस्तावेज लेकर पहुंचे। उनका कहना है कि इन सबूतों के जरिए वे खातों से बिना अनुमति पैसे निकाले जाने और रकम की हेराफेरी के आरोपों को सामने रख रहे हैं।
एक ग्राहक ने कहा कि यह सिर्फ पैसे की बात नहीं है। यह हमारी मेहनत की कमाई और बैंक पर हमारे भरोसे की बात है। हम इधर-उधर भाग रहे हैं, लेकिन हमें अभी भी कोई जवाब नहीं मिला है।
प्रदर्शन कर रहे एक अन्य ग्राहक ने बताया कि पैसे वापस मिलने को लेकर बनी अनिश्चितता का असर प्रभावित परिवारों पर पड़ रहा है। लोगों को आर्थिक परेशानी के साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ रहा है। एक ग्राहक ने कहा कि हम इस साल दिवाली नहीं मनाएंगे। जब हमारे अपने पैसे फंसे हुए हैं और हम अभी भी न्याय का इंतजार कर रहे हैं, तो जश्न मनाने का क्या मतलब है? ग्राहकों का कहना है कि जब तक उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जाता और रकम वापस दिलाने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक वे प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे।
ग्रेटर नोएडा के पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला 27 अक्टूबर को सामने आया था। कुछ ग्राहक बैंक से पैसे निकालने पहुंचे तो उन्हें अपने खातों में रकम कम मिली। जांच में बैंक की पूर्व कर्मचारी दीपांशी पर छह अधिकारियों की लॉगिन आईडी का इस्तेमाल कर पैसे दूसरे खातों में भेजने का आरोप लगा। पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है और आठ कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है। मामले की जांच CBI ने भी शुरू कर दी है। अब तक 50 से ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं। इनमें से 16 ग्राहकों को छह करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं। सोमवार को भी ग्राहकों ने बैंक के बाहर प्रदर्शन किया।
बैंक की शिकायत के मुताबिक, इस मामले में 49 फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को समय से पहले बंद कराया गया। इसके बाद खातों में बदलाव करके रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई। CBI में दर्ज शिकायत में पूर्व कर्मचारी दीपांशी पर बैंक अधिकारियों की यूजर आईडी का गलत इस्तेमाल कर बिना अनुमति लेनदेन करने का आरोप है। शुरुआती जांच में पता चला है कि रकम झारखंड, गोवा और महाराष्ट्र के कई बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर की गई।