
लखनऊ की तर्ज पर ग्रेटर नोएडा में नाइट सफारी बनाने की कवायद शुरू हो गई है। जिससे पर्यटकों को जल और जंगल की हरियाली का लुफ्त उठाने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही हस्तिनापुर में जलीय और जंगल सफारी बनाने की तैयारी है। दोनों प्रस्तावों को तैयार किया जा रहा है। जल्द ही उन्हें वन मुख्यालय को भेजा जाएगा। दरअसल, वन निगम और पर्यटन विभाग की मदद से वन विभाग हस्तिनापुर सेंचुरी के लिए नया कदम उठाने की दिशा में बढ़ रह है। ये मुजफ्फरनगर-बिजनौर की सीमा पर स्थित हैदरपुर वेटलैंड और हस्तिनापुर ईको टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा।
नए सिरे से योजना की तैयारी
बता दें कि हैदरपुर वेटलैंड में पर्यटन विकास के लिए कई कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। जिसके साथ ही हस्तिनापुर में जलीय और जंगल सफारी को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिसके लिए बोट उपलब्ध कराने का इंतजाम किया जा रहा है। जैसे ही बोट उपलब्ध होंगी यहां हस्तिनापुर गंगा में वन विभाग जलीय सफारी शुरू करा देगा। जबकि नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी वन विभाग मुख्यालय अधिकारी नए सिरे से योजना को तैयार कर रहे हैं।
ईको टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री केपी मलिक का कहना है कि पश्चिमी यूपी में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग प्रयासरत है। इसके लिए हैदरपुर वैटलैंड, हस्तिनापुर सेंचुरी क्षेत्र में विभिन्न स्थल, नोएडा-ग्रेटर नोएडा पर फोकस खास फोकस किया जा रहा है। गौरतलब है कि सपा शासनकाल में मुर्शीदपुर में नाइट सफारी का प्रस्ताव तैयार किया गया था। जिसकी डीपीआर भी बनाई गई थी लेकिन ये प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ पाया। फिलहाल इस पर कोई कार्रवाई अभी नहीं हो रही है।