ग्रेटर नोएडा

UP Cabinet Approves Metro University: ग्रेटर नोएडा में ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ को मंजूरी: यूपी में उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

UP Cabinet: योगी सरकार ने ग्रेटर नोएडा में मेट्रो विश्वविद्यालय स्थापना को मंजूरी दी, 26.1 एकड़ में बनेगा परिसर, युवाओं को आधुनिक और रोजगारपरक उच्च शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे।

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ग्रेटर नोएडा में ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ को कैबिनेट की मंजूरी, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

UP Cabinet Approves Metro University Greater Noida: उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में ग्रेटर नोएडा में ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना को मंजूरी दे दी गई है। यह विश्वविद्यालय निजी क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा और युवाओं को आधुनिक एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा।

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उच्च शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

प्रदेश सरकार के इस फैसले को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना से न केवल छात्रों को नए अवसर मिलेंगे, बल्कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर भी और बेहतर होगा।

26.1 एकड़ में बनेगा आधुनिक परिसर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा में 26.1 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जाएगा। यह भूमि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा प्रायोजक संस्था सनहिल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित की गई है। विश्वविद्यालय परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जहां छात्रों को तकनीकी, व्यावसायिक और शोध आधारित शिक्षा दी जाएगी।

विधिक प्रक्रिया के तहत मिली मंजूरी

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि यह निर्णय उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत लिया गया है। इस अधिनियम के माध्यम से निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना, संचालन और विनियमन की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रायोजक संस्था द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव का विधिक परीक्षण किया गया, जिसके बाद इसे मंजूरी दी गई।

अध्यादेश में संशोधन का निर्णय

इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 की अनुसूची में संशोधन किया जाएगा। इसके लिए ‘उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही प्रायोजक संस्था को संचालन के लिए आवश्यक प्राधिकार-पत्र भी जारी किया जाएगा।

रोजगारपरक शिक्षा पर जोर

‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ में छात्रों को ऐसी शिक्षा दी जाएगी, जो सीधे रोजगार से जुड़ी होगी। इसमें आधुनिक तकनीकों, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड कोर्स पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार प्राप्त करने में आसानी होगी।

निजी निवेश को मिलेगा बढ़ावा

प्रदेश सरकार लगातार शिक्षा क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा दे रही है। नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से न केवल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि प्रदेश में निवेश का माहौल भी मजबूत होगा।

युवाओं को मिलेगा फायदा

इस विश्वविद्यालय के शुरू होने से प्रदेश के हजारों छात्रों को लाभ मिलेगा। उन्हें अपने ही राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें बाहर जाने की जरूरत कम होगी।

सरकार की प्रतिबद्धता

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं।

शिक्षा और रोजगार का संतुलन

सरकार का प्रयास है कि शिक्षा और रोजगार के बीच संतुलन स्थापित किया जाए। ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करेगा।

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