
ग्रेटर नोएडा. भागदौड़ और बदलते खान-पान की वजह से कम उम्र में ही तरह-तरह की बीमारी होनी आमबात हो गई है। ऐसे में महिलाअेां को ज्यादा ध्यान रखने की जरुरत है। उम्र के साथ में महिलाअेां को समय-समय पर टेस्ट कराने बेहद जरुरी है। टेस्ट और अनदेखी करने की वजह से हेल्थ संबंधी समस्या होने लगी है। एक्सपर्ट की माने तो महिला नजरअंदाज करती है। जबकि ऐसा नहीं करना चाहिए। महिला विशेषज्ञ की माने तो कम उम्र में महिलाएं बीमारी की चपेट में आ रही है। महिला विशेषज्ञ डॉक्टर रीता शर्मा ने बताया कि देखने में आया है कि कम उम्र में महिला बीमारी से ग्रस्त हो रही है।
डॉक्टर रीता शर्मा पिछले कुछ समय से महिलाओं में होने वाली बीमारियों को लेकर जागरुक अभियान चला रही है। रीता शर्मा ने बताया कि बिजी शेडयूल के चलते खानपान में लापरवाही भी बरतती है। उन्होंने बताया कि महिलाओं को हेल्थ संबंधी समस्याओं को लेकर डॉक्टर की सलाह लेती रहनी चाहिए। उन्होंने बताया कि बढ़ती उम्र में शरीर में बदलाव आते रहते है। जिसके चलते समय—समय पर हेल्थ टेस्ट जरुर कराते रहने चाहिए। दरअसल में एक सुखी परिवार की हैल्थी महिला से ही बनता है।
इन बातों का रखें ध्यान
डॉक्टर रीता शर्मा ने बताया कि हाउस वाइफ और या वर्किग आज के दौर में काम का प्रेशर महिलाओं पर अधिक होता है। ऐसे में महिला खुद पर ध्यान न देकर हर समय परिवार को खुशहाल बनाने में बिजी रहती है। कम नींद भी बीमारी का कारण बनती है।
— 30 की उम्र पार करते ही महिलाओं को भूख संबंधी समस्या होती है। ज्यादातर महिलाएं खानपान पर ध्यान नहीं देती है। इसकी वजह से महिलाओं में थकान बढ़ने लगती है। ऐसे में थायराइड टेस्ट जरुर कराना चाहिए। कई बार हड्रिडयों में भी दर्द की शिकायत होती है।
—रीता शर्मा ने बताया कि तेजी के साथ में महिलाओं में यूट्रेस कैंसर और सर्विकल कैंसर का खतरा बढ़ रहा है। समय रहते इसका मालूम हो जाए तो इलाज हो सकता है। 30 की उम्र पार करते ही महिलाओं को 2 साल में पैप स्मीयर टेस्ट जरूर करा लेना चाहिए। कैंसर से बचा जा सकता है। इससे शुरूआती लक्षण मालूम हो जाते है।
—भारत में भी तेजी के साथ में डायबिटीज की संख्या बढ़ रही है। 30 की उम्र में महिलाओं को डायबिटीज का चेकअप भी करा लेना चाहिए। यह टेस्ट रुटीन में कराए तो बेहतर है।
—विटामिन डी और ब्लड प्रेशर की जांच भर समय-समय पर महिलाअेां को करानी चाहिए। ब्लड प्रेशर की वजह से किडनी, हार्ट और ब्रेन स्ट्रोक जैसी बीमारी होने का खतरा बन जाता है।