
तेहरान।ईरान ने सोमवार को यूरेनियम संवर्धन को 4.5% तक समृद्ध करना शुरू कर दिया है। बीते दिनों ईरान ने दावा किया था कि वह जल्द वह पांच प्रतिशत तक का लक्ष्य हासिल कर लेंगे। ईरान का कहना है कि राष्ट्रहित के लिए इस लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हैं। वहीं अमरीका ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है कि अगर वह 2015 में हुए समझौते को नहीं मानता है तो इसका परिणाम उसे भुगतना होगा।
पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी होगा: माइक पोम्पियो
गौरतलब है कि 2015 में किया परमाणु समझौता टूटने के बाद ईरान और अमरीका के बीच लगातार तनाव बढ़ रहा है। ईरान ने अब समझौते की शर्तों को तोड़ते हुए परमाणु संवर्धन और पांच प्रतिशत बढ़ाने का फैसला लिया है। अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने चेतावनी दी थी कि मध्य पूर्व में बढ़ रही परमाणु हथियारों की संख्या खतरे का संकेत है। यह पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी होगा। इस मामले में सभी देशों को एक साथ आगे आना चाहिए और ईरान के इस कदम का विरोध करना चाहिए।
2015 परमाणु समझौता
2015 परमाणु समझौते के तहत ईरान यूरेनियम का संवर्धन 3.67 प्रतिशत से अधिक न करने पर राजी हुआ था। समझौता टूटने के बाद ईरान के शीर्ष नेता अली अकबर विलायती यूरेनियम के संवर्धन को पांच प्रतिशत तक बढ़ाने की ओर संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि ईरान यूनेनियम का संवर्धन कितना बढ़ाएगा। यह बिल्कुल शांतिपूर्ण लक्ष्य है। ईरान का एकलौता परमाणु ऊर्जा संयंत्र बुशहर अभी रूस के आयातित ईंधन पर चल रहा है,जिस पर संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी नजर रखती है।
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