सऊदी दूतावास में खशोगी की हत्या की बात स्वीकार करने के बाद प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की यह पहली सार्वजनिक टिप्पणी है
रियाद। सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने बुधवार को कहा कि जमाल खशोगी की हत्या "दर्दनाक" थी और इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्य दूतावास में पत्रकार की हत्या के मामले में पूरा न्याय होगा। रियाद में अंतरराष्ट्रीय निवेश सम्मेलन में एक चर्चा में बोलते हुए क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कहा कि सभी अपराधियों को दंडित किया जाएगा और सऊदी अरब तथा तुर्की अंतिम परिणामों तक पहुंचने के लिए साथ मिलकर काम करेंगे।
क्या कहा क्राउन प्रिंस ने
कार्यक्रम में बोलते हुए क्राउन प्रिंस ने कहा, "जो घटना हुई वह बहुत दर्दनाक है। यह कहीं से उचित नहीं है। लेकिन इस मामले में अंत में न्याय जरूर होगा।" उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मामले में तुर्की के साथ कोई अनबन नहीं करेंगे और दोनों देश एक दूसरे का सहयोग करते हुए इस मामले को निपटाएंगे। सऊदी प्रिन्स ने इन आरोपों को खारिज किया कि क्राउन प्रिंस की इस हत्या में उनकी कोई भूमिका है। बता दें कि दो अक्तूबर को वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार खशोगी इस्तांबुल के सऊदी दूतावास में गए थे जहां उनकी हत्या कर दी गई थी। कुछ समय पहले अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सबसे कठोर बयान में यह तक कह दिया था कि राजकुमार ने ही खशोगी की हत्या के लिए ऑपरेशन की अंतिम ज़िम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले तुर्की के राष्ट्रपति तैयिप एर्दोगन ने बुधवार को प्रिंस मोहम्मद से बात की और दोनों ने खशोगी की हत्या के सभी पहलुओं पर प्रकाश डालने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की। उधर तुर्की के राष्ट्रपति के एक सलाहकार ने कहा कि राजकुमार मोहम्मद के हाथों पर पत्रकार की हत्या का खून है। बता दें कि मंगलवार को क्राउन प्रिंस ने अपने पिता किंग सलमान के साथ जमाल खशोगी के परिवार से मुलाकात की थी।
तुर्की से अच्छे हैं संबंध
सऊदी दूतावास में खशोगी की हत्या की बात स्वीकार करने के बाद प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की यह पहली सार्वजनिक टिप्पणी है। प्रिंस ने हत्या को एक जघन्य अपराध की संज्ञा देते हुए कहा कि इसे कहीं से भी उचित नहीं ठहराया जा सकता। तुर्की के साथ संबधों पर बोलते हुए प्रिंस ने कहा कि सऊदी के साथ तुर्की के अच्छे संबंध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग मौके का फायदा उठाकर दोनों देशों के बीच दरार पैदा करना चाहते हैं। सऊदी प्रिंस ने कहा, "कई लोग इस दर्दनाक स्थिति का लाभ उठाकर सऊदी अरब और तुर्की के बीच एक दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन मैं उन्हें संदेश देना चाहता हूं कि वो लोग ऐसा कभी भी नहीं कर पाएंगे।"