Guna Crime News: देर रात तक चली इस जांच पड़ताल से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
Guna Crime News: सिवनी के बहुचर्चित हवाला कांड की तर्ज पर अब गुना पुलिस भी करोड़ों की 'सेटिंग' के गंभीर आरोपों में घिर गई है। नेशनल हाईवे-46 पर चेकिंग के दौरान एक करोड़ रुपए की नकदी पकडऩे और फिर 20 लाख रुपए की रिश्वत लेकर मामला रफा-दफा करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डीजीपी के संज्ञान में मामला आने के बाद ग्वालियर रेंज के डीआइजी अमित सांघी ने गुना पहुंचकर धरनावदा थाने में डेरा डाल दिया है। देररात तक चली इस जांच पड़ताल से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
ग्वालियर रेंज के आइजी अरविंद सक्सेना ने इस उच्च स्तरीय जांच की पुष्टि की है। पूरा घटनाक्रम धरनावदा थाने की रूठियाई चौकी के पास घटित हुआ। नेशनल हाईवे पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने गुजरात पासिंग कार (जीजे-05- आरके-9351) को रोका, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ। इतनी बड़ी रकम देख थाने के तीन रसूखदार पुलिसकर्मी (एक थाना प्रभारी, एक एएसआइ और एक हेड कांस्टेबल) सक्रिय हो गए। आरोप है कि व्यापारी के साथ थाने में ही डील हुई और 20 लाख रुपए लेकर बाकी के 80 लाख रुपए के साथ उसे रवाना कर दिया गया।
मामला तब बिगड़ा जब पीड़ित व्यापारी ने गुजरात के एक आइपीएस अधिकारी को अपनी पीड़ा सुनाई। उक्त अधिकारी ने सीधे मध्य प्रदेश डीजीपी को वस्तुस्थिति से अवगत कराया। मुख्यालय की सख्ती देखते ही धरनावदा पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में वसूली गई 20 लाख की रकम व्यापारी को वापस लौटा दी गई।
हालांकि, भ्रष्टाचार के सबूत मिटाने की इस कोशिश के बावजूद डीजीपी के आदेश पर आइजी अरविंद सक्सेना ने मामले की कमान डीआइजी अमित सांघी को सौंपी। डीआइजी सांघी फिलहाल धरनावदा थाने में व्यापारी से पूछताछ और संबंधित पुलिसकर्मियों के बयानों का मिलान कर रहे हैं। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो गुना में भी सिवनी जैसा बड़ा खुलासा तय है।
मामला मेरे संज्ञान में है। व्यापारी से पूछताछ और जांच के लिए डीआइजी को गुना भेजा है। इसके बाद संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी। अरविंद सक्सेना, आइजी ग्वालियर रेंज
अक्टूबर 2025 की रात पुलिस ने नागपुर जा रही कार से हवाला के करीब 2.96 करोड़ रुपए पकड़े थे। पुलिस ने रिकॉर्ड में सिर्फ 1.45 करोड़ की जब्ती दिखाई। बाकी 1.5 करोड़ रुपए गायब कर दिए। एसआइटी ने जांच की तो तत्कालीन एसडीओपी पूजा पांडे, डीएसपी पंकज मिश्रा (हॉक फोर्स) और अन्य पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया।