
Digvijay Singh brother Laxman Singh- एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के अनुज और कांग्रेस से निष्कासित पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह ने गुना में बड़ा ऐलान किया। मध्यप्रदेश की सियासत में एक नया राजनीतिक शिगूफा छोड़ते हुए उन्होंने रीजनल कांग्रेस बनाने की घोषणा की। सोमवार को पत्रकारवार्ता में लक्ष्मण सिंह ने देश और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों पर अपनी राय रखी। भाजपा और कांग्रेस दोनों को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में किसी भी दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिलेगा। उनकी नई रीजनल कांग्रेस पार्टी सत्ता में किंगमेकर की भूमिका निभाएगी। लक्ष्मण सिंह ने पूर्व कांग्रेसी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि सिंधिया के जाने के बाद अब कांग्रेस का कोई विधायक पाला नहीं बदलेगा।
पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह ने कहा कि वे मध्यप्रदेश में रीजनल कांग्रेस के गठन के प्रयासों में गंभीरता से जुटे हैं। इसके लिए लगातार जमीनी कार्यकर्ताओं के संपर्क में हैं। उन्होंने दिल्ली के कांग्रेस नेतृत्व को बेहद कमजोर बताया। कहा कि इसे तुरंत बदलने की जरूरत है। तर्क दिया कि अब राजनीतिक फैसले दिल्ली के बजाय निचले स्तर पर होने चाहिए, ताकि कार्यकर्ताओं को मजबूती मिले। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में जनता भाजपा और कांग्रेस दोनों से ही नाराज है, जिसका सीधा फीडबैक उन्हें मैदानी स्तर पर मिल रहा है।
सत्ता परिवर्तन और दलबदल के मुद्दे पर तंज कसते हुए लक्ष्मण सिंह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद अब कांग्रेस का कोई भी विधायक पाला नहीं बदलेगा। उन्होंने सिंधिया समर्थकों को नसीहत दी कि जो लोग कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए हैं, वे संघ पर राज नहीं कर सकते। उन्हें भाजपा की रीति-नीति के अनुसार ही चलना होगा, वरना भाजपा अपने ही लोगों को चुनाव हराना भी अच्छी तरह जानती है।
गुना विधायक पन्नालाल शाक्य की हालिया बयानबाजी पर तीखा हमला बोलते हुए पूर्व सांसद ने कहा कि विधायक शाक्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इशारे के बिना कुछ नहीं बोलते हैं। उन्हें जो स्क्रिप्ट संगठन द्वारा दी गई है, वे केवल वही बोल रहे हैं। अगर ऐसा नहीं होता, तो भाजपा अब तक उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर चुकी होती।
लक्ष्मण सिंह ने नीट परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के बाद इसे तुरंत रद्द करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा बच्चों को विभाजित कर रही है, इसलिए मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए ओपन एग्जाम की व्यवस्था होनी चाहिए। सरकार ने देश के बड़े मुद्दों को केवल आइएएस अधिकारियों और मंत्रियों के भरोसे छोड़ दिया है। गुना के बूढ़े बालाजी और पुरानी छावनी क्षेत्र में दूषित पानी की समस्या पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। सिंह ने चेताया कि जनप्रतिनिधि नगरपालिका को अपनी बपौती न समझें। पानी की आपूर्ति और सफाई जैसी बुनियादी व्यवस्थाओं को तकनीकी विशेषज्ञों के हाथों में सौंपा जाना चाहिए तथा इसमें नेताओं व अफसरों का अनावश्यक दखल तुरंत बंद होना चाहिए।