MP News: आवेदिका रीना चिढ़ार ने सिटी कोतवाली में शिकायती आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। रीना के अनुसार, वह ब्लॉक नंबर 73 में सर्वे कर रही थीं, तभी कमलेश चिढ़ार ने गाली-गलौज कर उनका रजिस्टर छीन लिया।
MP News: शहर के वार्ड क्रमांक 11 में जनगणना सर्वे के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और एक परिवार के बीच हिंसक झड़प हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। फुटेज के अनुसार, सर्वे के दौरान विवाद इतना उग्र हुआ कि घर की एक महिला अपनी गोद में छोटा बच्चा लिए महिला कर्मचारी से सीधे भिड़ गई। हाथापाई और धक्का मुक्की इतनी तेज थी कि दोनों महिलाएं अनियंत्रित होकर घर के गेट से बाहर सीधे सड़क पर जा गिरीं।
इस दौरान गोद में मौजूद बच्चा सड़क पर गिरने से बाल-बाल बचा। गनीमत रही कि बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई। सड़क पर गिरने के बाद भी मामला शांत नहीं हुआ। फुटेज में दिख रहा है कि जैसे ही महिला कर्मचारी नीचे गिरी, घर की अन्य महिलाओं और लड़कियों ने उसे घेर लिया और जमकर लात-घूंसे बरसाए।
आवेदिका रीना चिढ़ार ने सिटी कोतवाली में शिकायती आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाए हैं। रीना के अनुसार, वह ब्लॉक नंबर 73 में सर्वे कर रही थीं, तभी कमलेश चिढ़ार ने गाली-गलौज कर उनका रजिस्टर छीन लिया। आरोप है कि जब वह रजिस्टर लेने अंदर गई, तो आरोपियों ने उनका पल्लू खींचकर नीचे पटक दिया और पेट में लात मारी। इस दौरान सरकारी रजिस्टर भी फाड़ दिया गया। रीना का दावा है कि मोहल्ले वालों ने हस्तक्षेप कर उनकी जान बचाई।
फिलहाल पुलिस को केवल महिला कर्मचारी का पक्ष प्राप्त हुआ है। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है, क्योंकि वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हावी होते दिख रहे है। पुलिस अब दूसरे पक्ष का बयान दर्ज करने और वायरल वीडियो के आधार पर यह तय करने की कोशिश कर रही है कि इस हिंसक झड़प की असल शुरुआत किसने की थी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। दोनों का पुराना पारिवारिक विवाद है। सर्वे के दौरान दोनों में इस तरह की स्थिति बनी थी।- राजकुमार शर्मा, थाना प्रभारी, कोतवाली
जानकारी के लिए बता दें कि पूरे प्रदेश में जनगणना-2027 के 'हाउस लिस्टिंग' यानी मकानों की सूची बनाने का काम शुरू हो गया है। इस बार की जनगणना खास है क्योंकि यह पूरी तरह डिजिटल है। आपके घर पहुंचने वाले प्रगणक आपसे 33 मुख्य सवाल पूछेंगे। इसमें आपके मकान की स्थिति, दीवारों में इस्तेमाल सामग्री से लेकर घर में कौन सा अनाज खाया जाता है, इसकी जानकारी भी ली जाएगी। इस जनगणना में मध्य प्रदेश में करीब 1.5 लाख कर्मचारियों को लगाया गया है, जिनमें से ज्यादातर स्कूल शिक्षक हैं। हाउस लिस्टिंग का यह काम एक महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।