
Guna News :मध्य प्रदेश के गुना शहर के वार्ड- 7 में ईदगाह वाड़ी और बंगला मोहल्ले को जोड़ने वाली पुलिया का भूमिपूजन करने पहुंचे भाजपा नेताओं और नगर पालिका अध्यक्ष को रहवासियों ने बगैर भूमिपूजन किए ही वापस लौटा दिया। रहवासियों का कहना है कि, जहां पुलिया नहीं बल्कि पुल बनवाया जाए, तभी भूमिपूजन होगा। करीब आधा घंटे तक बनी हाई वोल्टेज ड्रामे की स्थिति के बीच रहवासियों के विरोध की वजह से भाजपा नेताओं और नपाध्यक्ष को वापस लौटना पड़ा।
अब इस मामले में नगर पालिका अध्यक्ष का कहना है कि, 'अब जब इस स्थान पर पुल की स्वीकृति मिलेगी, तब ही भूमिपूजन किया जाएगा। दरअसल, शहर के वार्ड- 7 में पनरिया नदी पर ईदगाहबाड़ी इलाके के वार्ड -7 और 12 के ईदगाहबाड़ी और बंगला मोहल्ला को जोड़ने के लिए करीब 30 साल पुरानी दो फीट ऊंचे लोहे के पाइपों की पुलिया बनी हुई है। अगस्त महीने के दूसरे हफ्ते की शुरुआत में हुई मूसलाधार बारिश के दौरान उक्त पुलिया में बहुत ज्यादा कटाव आने से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया था।
नगरपालिका ने तकनीकी टीम से पुलिया का सर्वे कराकर पुलिया निर्माण की प्रक्रिया पूरी कराई थी। जहां तकरीबन 38 लाख रुपए की लागत से चार फीट ऊंचे पाइप की पुलिया के निर्माण के स्वीकृति के बाद शनिवार दोपहर को नपाध्यक्ष सविता अरविंद गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार समेत महेश कुशवाह, सुशीला जगदीश कुशवाह, फूलवती ओझा, लालाराम लोधा, रामवीर जाटव, राजेश साहू और नपा में नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ठ समेत अन्य जनप्रतिनिधि पुलिया का भूमिपूजन करने पहुंचे थे।
जैसे ही पुरानी पुलिया के स्थान पर पुल के बनाने बजाय नए पुलिया बनने के लिए हो रहे भूमिपूजन की सूचना रहवासियों को मिली वे भड़क गए। देखते ही देखते मौके बड़ी संख्या में महिलाओं समेत दोनों वार्डों के रहवासी जमा हो गए। उन्होंने भाजपा नेताओं और नपाध्यक्ष से सीधे तौर पर कह दिया कि, यहां हमें पुलिया नहीं, अब पुल चाहिए। पुल बने तो ही भूमिपूजन करें, अन्यथा हम पुलिया का भूमिपूजन नहीं करने देंगे। भूमिपूजन के लिए लगवाए गए टेंट में बैठकर जमकर नारेबाजी करते हुए हंगामा किया।
इस दौरान भाजपा नेताओं ने रहवासियों को काफी देर समझाने की कोशिश भी की, लेकिन उन्होंने अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों की एक भी सुनने और मानने से इंकार कर दिया। आखिरकार रहवासियों के विरोध को देखते हुए भूमिपूजन करने पहुंचे नेताओं समेत नपाध्यक्ष को बगैर भूमिपूजन किए ही वापस लौटना पड़ा।
मामले को लेकर गुना नगर पालिका अध्यक्ष सविता गुप्ता का कहना है कि, 30 साल पुरानी 2 फीट ऊंचे पाइप की पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद नगर पालिका की तकनीकी टीम ने सर्वे कर 4 फीट के पाइप की नई पुलिया के लिए 38 लाख रुपए की स्वीकृति दी थी। उसी क्षतिग्रस्त पुलिया का भूमिपूजन करने पहुंचे थे, जहां हेमंत कुशवाह ने रहवासियों को आगे कर पुल की मांग उठाई और भूमिपूजन न करने पर अड़ गए। जबकि 30 साल से दो फीट के पाइप की पुलिया से भी काम चल ही रहा था। उन्होंने कहा कि, अब स्थानीय लोगों की मांग पर 1.75 करोड़ की लागत से बनने वाले पुल की स्वीकृति लेकर निर्माण कराएंगे।